Bihar Political Crisis: बिहार की सत्ताधारी गठबंधन में दरार की खबरें लगातार आ रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। इस बीच, आरजेडी ने नीतीश कुमार को अल्टीमेटम दिया है।
आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए। (Bihar Political Crisis) उन्होंने कहा कि सूबे में संशय का जो वातावरण बना है वह राज्य के लिए ठीक नहीं है।
झा ने कहा कि अगर नीतीश कुमार अपना स्टैंड नहीं क्लियर करते हैं तो आरजेडी को मजबूरन नए मोर्चे पर विचार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आरजेडी एक मजबूत पार्टी है और वह बिहार में सत्ता में वापसी करेगी।

तेजस्वी यादव ने भी नीतीश कुमार को चुनौती दी है। (Bihar Political Crisis) उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अगर बिहार में दोबारा ताजपोशी करना चाहते हैं तो उन्हें आरजेडी के साथ समझौता करना होगा। उन्होंने कहा कि आरजेडी के बिना बिहार में सत्ता में वापसी असंभव है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ गठबंधन करके बिहार में विकास किया है। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़ते हैं तो बिहार में विकास की गति रुक जाएगी।
वहीं, नीतीश कुमार ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। माना जा रहा है कि वह आने वाले दिनों में इस पर कोई स्पष्टीकरण देंगे।
बिहार की राजनीति में इस समय काफी उथल-पुथल मची हुई है। आरजेडी और नीतीश कुमार के बीच गठबंधन टूटने की खबरें लगातार आ रही हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Bihar Political Crisis: कांग्रेस की मांग, भ्रम की स्थिति को खत्म करना चाहिए
कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को भ्रम की इस स्थिति को खत्म करना चाहिए और स्पष्टता लानी चाहिए. (Bihar Political Crisis) हमारे लिए, नीतीश कुमार अभी भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं. जेडीयू नेता नीरज कुमार का कहना है कि किस बात का स्पष्टीकरण दिया जाए, नीतीश कुमार नियुक्त मुख्यमंत्री हैं, जिनके मन में कंफ्यूजन है वो समझें. तीर हमारे हाथ में है और हमें कौन निशाने पर लेगा. वहीं, सुशील मोदी के बयान को लेकर उनका कहना है कि उन्होंने क्या बयान दिया है उसका उन्हें पता नहीं है.
इधर, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने ने कहा है कि बिहार में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक है. इसमें सभी पदाधिकारी, सभी विधायक, सभी सांसद आएंगे. इसमें आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे.









