Unnao News: यूपी में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों (Unnao News) को बेहतर इलाज और देखभाल ही लाख दावे किए जाते रहे हों, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। सरकारी दावों के उलट जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ऐसा ही एक मामला बुधवार (14 फ़रवरी) को उन्नाव जिला अस्पताल के सामने देखने को मिला।
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दरअसल, एक युवक प्रसव पीड़ा में पत्नी को ई-रिक्शा से लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। इस दौरान प्रसव पीड़ित महिला ने ई-रिक्शा पर ही बच्चे को जन्म दिया। पति प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को हाथ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। दूसरी तरफ, महिला ने अस्वस्थ नवजात शिशु को जन्म दिया। उसे SNCU वार्ड में भर्ती कराया गया। महिला के पति का आरोप है कि, अस्पताल में स्ट्रेचर तक नहीं मिला। वह खुद ही पत्नी को गोद में उठाकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, महिला का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।
Unnao News: क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, आटा बंथर गांव निवासी महेश की पत्नी अंजू गर्भवती थी। पत्नी की डिलीवरी के लिए महिला का पति महेश ई-रिक्शा से लेकर जिला अस्पताल गया। अस्पताल के गेट पर जैसे ही ई-रिक्शा पहुंचा, महिला को दर्द होने लगा। दर्द उठने पर नवजात शिशु को जन्म दे दिया। पति ने महिला को अपनी गोद में उठाकर अस्पताल के अंदर ले गया। जिसके बाद उसका इलाज शुरू हुआ। वहीं, नवजात शिशु को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। नवजात का इलाज चल रहा है। पति महेश का आरोप है कि हमने स्ट्रेचर मांगा था, लेकिन अस्पताल की तरफ से स्ट्रेचर नहीं दिया गया।
वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल सीएमएस अंजू अग्रवाल ने कहा कि, ‘ये आरोप निराधार है कहा की महिला का पति अपनी पत्नी को गलत गेट पर लेकर पहुंच गया था। उसे आना चाहिए था। अस्पताल में महिला वार्ड की जगह पुरुष वार्ड की तरफ लेकर चला गया था। अंजू अग्रवाल ने कहा कि, महिला के साथ आशा भी मौजूद थी। आशा स्ट्रेचर लेने गई थी। इस बीच महिला का पति अपनी पत्नी को गोद में उठाकर अस्पताल ले गया’।









