UP politics: यूपी में सपा-कांग्रेस के गठबंधन टूटने पर केशव प्रसाद मौर्य की पहली प्रतिक्रिया, जानें- क्या कहा?

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UP politics: उत्तर प्रदेश में सियासी उथल-पुथल के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया है। इंडिया गठबंधन के बिखरने के बाद यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया है कि गठबंधन टूटने का कोई असर नहीं पड़ेगा और भाजपा यूपी की सभी 80 सीटों पर जीत हासिल करेगी।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आए थे। (UP politics) इसके बाद दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया।

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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में तकरार हो या इकरार हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। (UP politics) वे मिलकर लड़ें या अलग-अलग लड़ें, भाजपा गठबंधन उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटें जीतेगा। यहां कांग्रेस का खाता नहीं और सपा को पिछली बार खाता खुल गया था वो भी बंद हो जाएगा।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 312 सीटें जीती थीं और इस बार भी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। मौर्य ने कहा कि भाजपा के पास विकास का एजेंडा है और जनता भी पार्टी के साथ है।

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गठबंधन टूटने के बाद इंडिया गठबंधन कमजोर हो गया है। (UP politics) यह देखना होगा कि क्या यह भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में फायदा देगा।

UP politics: सपा-कांग्रेस का गठबंधन टूटा

खबरों के मुताबिक यूपी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया है. दोनों दलों के बीच पिछले काफी समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन आखिर में दोनों में सहमति नहीं बन पाई. सूत्रों की माने तो दोनों पार्टी अब राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. सोमवार शाम को दोनों दलों के प्रतिनिधियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बात हुई थी लेकिन कांग्रेस कम से कम 20 सीटों पर अड़ी हुई थी जबकि सपा की ओर से 17 सीटों का ऑफ़र दिया गया था, जिसके बाद दोनों दलों की बातचीत ख़त्म हो गई. सोमवार शाम को सपा की ओर प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी गई है.

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सूत्रों के अनुसार सपा की ओर से दिए गए ऑफर में अमेठी, रायबरेली, वाराणसी, अमरोहा, बागपत, सहारनपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, फतेहपुर सीकरी, हाथरस, झांसी, बाराबंकी, कानपुर, सीतापुर, कैसरगंज और महाराजगंज सीट शामिल थी. लेकिन कुछ ऐसी सीटें भी थी जिसको लेकर दोनों पार्टियों के बीच मतभेद जारी था. जिसके बाद दोनों दल अब अलग-अलग चुनाव लडे़ंगे.

https://youtu.be/vs_UICHSW9I?si=reFYzwrMBQGX5L9E

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