Gujarat News: गुजरात विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने पिछले साल छोटा उदेपुर जिले में सामने आए एक फर्जी सरकारी कार्यालय और सिंचाई परियोजनाओं के लिए धन की हेराफेरी के मुद्दे को उठाते हुए सदन में जमकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन का वॉकआउट भी किया।
बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के 10 विधायकों को सदन से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। (Gujarat News) निलंबित विधायकों में गौतम पंड्या, अश्विन कोटवाल, प्रवीण सिंह ठाकोर, इंद्रनील राजगुरु, अमीत चावड़ा, जयंती पटेल, कुंवरजी बावलिया, रणदीप सिंह सोलंकी, सोहन पटेल और भूपेंद्र सिंह शामिल हैं।

बता दें, गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के कुल 15 विधायक हैं, हंगामे के समय उसके पांच विधायक अनुपस्थित थे। (Gujarat News) निलंबित विधायकों ने कहा कि वे सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सदन में नारेबाजी करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने हंगामे को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विधायकों ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

इस घटना के बाद विधानसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद, सरकार ने कई सवालों के जवाब दिए।
Gujarat News: बार-बार समझाने के बाद भी हंगामा जारी
अध्यक्ष के बार-बार अनुरोध के बावजूद जब कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए तो राज्य के विधायी और संसदीय मामलों के मंत्री रुशिकेश पटेल ने अराजकता के लिए कांग्रेस की आलोचना की। (Gujarat News) साथ ही कांग्रेस विधायकों को पूरे दिन के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने अपने-अपने स्थानों पर बैठने से इनकार कर दिया। इस पर भाजपा ने निलंबित करने की मांग की। हंगामे को बढ़ता देख अध्यक्ष शंकर चौधरी ने उन्हें एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। चूंकि मंगलवार को सदन की दो बैठकें हैं, स्पीकर ने स्पष्ट किया कि ये विधायक दूसरी बैठक के लिए भी निलंबित हैं।









