Lucknow News : यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थित टीले वाली मस्जिद मामले में बुधवार (28 फरवरी) को अदालत का बड़ा फैसला आया है। अदालत ने मुस्लिम पक्ष की रिवीजन याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हिंदू पक्ष का मुकदमा चलने योग्य है। यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।
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Lucknow News : हिंदू पक्ष का दावा
हिंदू पक्ष का दावा है कि टीले वाली मस्जिद लक्ष्मण टीला पर स्थित एक मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। उन्होंने याचिका में कहा था कि मस्जिद के नीचे भगवान राम और सीता की मूर्तियां हैं।

Lucknow News : मुस्लिम पक्ष का दावा
मुस्लिम पक्ष का दावा है कि टीले वाली मस्जिद 15वीं शताब्दी में बनाई गई थी और यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष के दावे निराधार हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुस्लिम पक्ष की रिवीजन याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि हिंदू पक्ष का मुकदमा चलने योग्य है और इस मामले में आगे की सुनवाई होगी। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश में कई विवादित धार्मिक स्थलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। यह फैसला अदालतों की इस बात की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वे विवादित धार्मिक स्थलों के मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुनवाई करेंगे।

Lucknow News : इस मामले से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें –

अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की है। यह उम्मीद है कि अदालत जल्द ही इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी। यह मामला 1990 के दशक से चल रहा है। 2022 में, लखनऊ की एक अदालत ने हिंदू पक्ष को इस मामले में याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को चुनौती दी थी। बुधवार को अदालत ने मुस्लिम पक्ष की रिवीजन याचिका खारिज कर दी। यह फैसला देश में धार्मिक विवादों को लेकर चल रही बहस को और भड़का सकता है। यह देखना होगा कि इस मामले का आगे क्या होता है।









