Aligarh News: खैर कोतवाली क्षेत्र क्षेत्र के शिवाला गांव नहर विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक जर्जर और क्षतिग्रस्त पुल के टूटने से एक ग्रामीण की नहर में डूबकर मौत हो गई। हादसा कल सुबह करीब 9 बजे का है, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी मृतक का शव बरामद नहीं हो सका है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने नहर विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला खैर तहसील क्षेत्र का है। प्रत्यक्षदर्शी और गांव शिवाला निवासी राकेश उपाध्याय ने बताया कि कल सुबह उनके गांव का एक व्यक्ति समाज से भैंस लेकर पुल से होकर जा रहा था। जैसे ही वह व्यक्ति और भैंस पुल पर पहुंचे, अचानक पुराना और जर्जर पुल भरभराकर टूट गया और दोनों नहर के तेज बहाव में बह गए।
राकेश उपाध्याय ने बताया, “यह पुल काफी पुराना और पहले से ही क्षतिग्रस्त हो रहा था। नहर विभाग ने इसकी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया, न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद से लगातार नहर में तलाश जारी है, लेकिन प्रशासन द्वारा पानी कम करने की मांग को अनसुना किया जा रहा है। “कल 9 बजे की घटना है और आज इस समय तक कोई सुराग नहीं मिला है। पानी कम करने के लिए कल से प्रयास जारी है, लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं है,” उन्होंने कहा।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग खुद ही नहर में उतरकर अपने स्तर पर तलाश में जुटे हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कई युवक भीगे कपड़ों में पुल के आसपास तलाश कर रहे हैं। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए आज मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। खैर की नायब तहसीलदार काजल तोमर और कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार मय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
खैर नायब तहसीलदार काजोल तोमर ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और शासन-प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। मृतक के परिजनों को नहर विभाग और सरकारी विभागों द्वारा जो भी संभव आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जा सकता है, वह हर मदद दिलवाई जाएगी। साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द शव बरामद करने के लिए नहर विभाग को पानी कम करने और सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश देने की बात कही। फिलहाल तलाश अभियान जारी है, लेकिन लापरवाह सिस्टम पर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि जर्जर पुलों की तुरंत मरम्मत की जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।









