UP News: मुरादाबाद। मुरादाबाद के कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी न्यायालय के पेशकार सुभाष को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता ठाकुर ओमवीर सिंह की शिकायत के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता ओमवीर सिंह के गांव से जुड़े एक चकबंदी मामले में कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिश्वत की रकम की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने के लिए वह चकबंदी न्यायालय पहुंचा था।
ये भी पढ़ें –Bigg Boss 20: बिग बॉस 20 में मैरी कॉम ने मणिपुर के हालात पर की बात कहा- मैं शर्मिदा हूँ
बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन टीम पहले से ही मामले पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम ली गई, टीम ने कार्रवाई करते हुए पेशकार सुभाष को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता ठाकुर ओमवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि मामले में केवल पेशकार ही नहीं, बल्कि डीसी चकबंदी ओम प्रकाश अजनौर और लेखपाल गिदा सिंह का नाम भी उसकी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत में शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे पेशकार सुभाष से रिश्वत की डील करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया।
ओमवीर सिंह ने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में अन्य अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ये भी पढ़ें –Sonbhadra: आदित्य बिड़ला इण्टरमीडिएट कॉलेज रेणुकूट में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अन्य अधिकारियों के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी भूमिका और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









