Ambedkar Nagar: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक अधिकारी द्वारा दूसरे अधिकारी को लिखे गए पत्र में “निर्देशित” शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर दोनों के बीच घमासान मच गया। हालांकि, जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद 16 सितंबर को शुरू हुआ था, जब तत्कालीन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सुनील कुमार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता एमके अनिल को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में एसडीएम ने अधिशासी अभियंता को एक सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा करने और रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
अधिशासी अभियंता ने एसडीएम के पत्र पर आपत्ति जताई और कहा कि एसडीएम द्वारा उनके साथ “निर्देशित” शब्द का इस्तेमाल करना अनुचित है। (Ambedkar Nagar) उन्होंने कहा कि वह भी एक अधिकारी हैं और उन्हें इस तरह के आदेश नहीं दिए जा सकते हैं।
Ambedkar Nagar: इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच पत्र-व्यवहार शुरू हो गया और मामला तूल पकड़ गया।
मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने दोनों अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाया और बातचीत की। जिलाधिकारी के समझाने पर दोनों अधिकारियों ने अपनी बातें रखीं और एक-दूसरे को माफ कर दिया।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि यह मामला एक मुद्रण त्रुटि के कारण हुआ था। एसडीएम के पत्र में “निर्देशित” शब्द की जगह “अनुरोधित” शब्द होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने आपसी समझ से इस मामले को सुलझा लिया है।
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कामकाज में भाषा का प्रयोग बहुत ही सावधानी से करना चाहिए। भाषा के गलत इस्तेमाल से गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और इससे सरकारी कामकाज में बाधा आ सकती है।










