Bahraich violence: बूट- खाकी से इलाके में दहशत, पुलिस पर देर रात घर में घुसने और किसी को भी उठाने का आरोप

Facebook
X
WhatsApp

Bahraich violence: महराजगंज में हुए रामगोपाल मिश्रा के बर्बरतापूर्ण हत्याकांड के दौरान जहां पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे। तो वहीं अब मृतक रामगोपाल मिश्रा के गांव रेहुवा मंसूर में दहशत फैलाने व निर्दोषों को परेशान करने का आरोप लगा है। रविवार की रात पुलिस पर महसी बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री रामकरण त्रिपाठी के घर में घुसकर उन्हें अपमानित करने का भी आरोप लगा था। आलम यह है, कि बीते कई दिनों से रेहुवा मंसूर गांव खाकी व बूटों के दहशत के शाए में जी रहा है। (Bahraich violence) वहीं अकारण कार्रवाई के डर से सैकड़ो युवाओं व अन्य ग्रामीण गांव छोड़ कर चले गए हैं। रात के समय बहुत ही कम लोगों के गांव में रहने की बात कही जा रह है।

रेहुवा गांव में खाकी के डर का आलम यह है, कि कोई कैमरे के सामने नहीं आना चाहता और लोगों ने मीडिया कर्मियों से दूरी बना ली है। कुछ महिलाओं ने दबी जुबान से बताया कि रामगोपाल मिश्रा की हुई बर्बरतापूर्ण हत्या का गम हम सभी भुला नहीं पाए थे, कि अब पुलिस के कहर से हमारे बेटे घर नहीं रुक रहे हैं। (Bahraich violence) महिलाओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस देर रात दस्तक देती है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

image 277

Bahraich violence: अधिवक्ता व ब्राह्मण संगठन दे चुके हैं ज्ञापन

हरदी पुलिस द्वारा देर रात दी जा रही दस्तक से ब्राण्मण संगठनों में आक्रोश है। मंगलवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर पुलिस प्रशासन पर ब्राह्मणों के घर देर रात दबिश देने का आरोप लगाया था। साथ ही इस पर तत्काल रोक की मांग की थी। (Bahraich violence) वहीं महसी तहसील के बार एसोसिएशन ने भी एसडीएम अखिलेश सिंह व सीओ रवि खाकेर को ज्ञापन देकर पुलिस पर बिना सर्च ऑपेरशन घरों में दाखिल होने व अभद्रता की बात कही थी।

दीपावली की आमद पर शहर में बाजार सज कर तैयार हो गए हैं। पीपल तिराहा, स्टीलगंज तालाब मार्केट, चौक बाजार, घंटाघर, छावनी व गुरुनानक मार्केट पर दुकानें तैयार हो गई हैं। (Bahraich violence) दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार है। महाराजगंज की घटना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहकों की आवाजाही अभी नही शुरू हुई है। दुकानों पर अब तक भीड़ होने की उम्मीद थी लेकिन व मायूस हैं।

image 278

दीपावली व धनतेरस पर इन दिनों 15 दिन पूर्व से ही शहर के बाजारों में भीड़ उमड़ने लगती थी। महाराजगंज में हुई घटना के बाद ग्रामीण इलाकों से लोगों का आना नाम मात्र रह गया है। ऐसे में दीवाली पर शहर में स्टीलगंज तालाब मार्केट, पीपल तिराहा, चौक बाजार, घंटाघर, गुरुनानक मार्केट आदि में कपड़ा, चूता, साड़ी, टेलर, मिठाई की दुकान, पटाखा बंदूक की दुकानें सजी हुई हैं लेकिन दुकानों पर भीड़ नही हो रही है।

दुकानों पर छिटपुट ग्राहक की नजर आ रहे हैं। स्टीलगंज तालाब मार्केट में कपड़ा व्यवसाई इकराम ने बताया की इन दिनों दीवाली की खरीदारी करने के लिए लोगों की देर रात तक भीड़ उमड़ती थी लेकिन महाराजगंज की घटना के बाद मानों जैसे किसी की नजर लग गई है, ग्राहकों का आना कम हो रहा है। हालात सुधर चुके हैं लेकिन कहीं न कहीं लोगों में भय है इसीलिए लोगों का आना कम है। घंटाघर चौक पर स्थित चुटपुटी बंदूक के दुकानदार असलम ने बताया दीपावली पर सारा सामान लगा हुआ है। दुकान सजी है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहकों के न आने पर मानों इस बार हमारी दीपावली खराब हो जायेगी। उन्होने बताया हालात सुधर गए है। ग्राहंकों के आने की उम्मीद है। गेंदघर मैदान में दीपावली से तीन दिन पूर्व दुकानें लगाई जाती हैं उसमे भीड़ होने की संभावना है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें