रिपोर्ट- मनोज कुमार
Barabanki: 19 मार्च 2026 को हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर निंदूरा खंड के महादेव शाखा, बाबागंज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला संघ चालक डॉ. आर.एस. गुप्ता रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में उपस्थित होकर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अपने संबोधन में डॉ. गुप्ता ने कहा कि चैत्र माह से प्रारंभ होने वाला हिंदू नव वर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति में नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस समय वसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति में नए पत्ते और फूल खिलते हैं, जो नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संदेश देते हैं। (Barabanki) उन्होंने बताया कि हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है, जो नवसृजन और नई शुरुआत का प्रतीक है।

उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, इसलिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। इसी तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। (Barabanki) साथ ही, सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शकों पर विजय प्राप्त कर विक्रम संवत की स्थापना भी इसी दिन से मानी जाती है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि लगभग 1000 वर्षों की गुलामी के कारण भारतीय समाज में अपनी परंपराओं के प्रति विश्वास कमजोर हुआ, लेकिन अब समय आ गया है कि हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनः सशक्त करें। (Barabanki) उन्होंने संघ के “पंच परिवर्तन” के माध्यम से भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने यह भी बताया कि ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। (Barabanki) इसी कारण परंपरा के अनुसार इस दिन नीम की कोपलें और गुड़ का सेवन किया जाता है, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
कार्यक्रम में खंड संचालक शिवसागर, सह खंड कार्यवाह रामदास सहित राजू, रितेश, कुलदीप, कृपांशु, प्रियांशु, अजय, प्यारेलाल, संजय, अजय गुप्ता, योगेंद्र, प्रदीप सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
अंत में यह संदेश दिया गया कि हिंदू नव वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए नई ऊर्जा, सकारात्मकता और संकल्प के साथ जीवन की नई शुरुआत करने का अवसर है।














