Bhiwandi Building Collapse: मुंबई के पास भिवंडी में गुरुवार रात बड़ा हादसा हो गया। यहां ‘कोहिनूर’ नाम की 4 मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एनडीआरएफ (NDRF) के मुताबिक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे में कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भिवंडी पुलिस, दमकल विभाग की टीमें और नगरपालिका के अधिकारी मौजूद हैं। पोकलेन मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
Bhiwandi Building Collapse: पिलर तोड़ने से कमजोर हुई नींव
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुरानी इमारत पिछले कुछ दिनों से मरम्मत के दौर से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि मरम्मत के दौरान ठेकेदार और मजदूरों ने इमारत के तीन पिलर तोड़ दिए थे।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिलर हटने के कारण इमारत की संरचना कमजोर हो गई और वह अपना संतुलन खो बैठी। इसके बाद अचानक बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा ढह गया और देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई।
खतरा भांपकर कई लोग समय रहते निकले बाहर
इस बड़े हादसे के बीच राहत की बात यह रही कि इमारत गिरने से कुछ समय पहले लोगों को कुछ आवाजें सुनाई दी थीं और हलचल महसूस हुई थी। खतरे को भांपते हुए ज्यादातर लोग तुरंत इमारत से बाहर निकल गए, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।
हालांकि, पहली मंजिल पर रहने वाले कुछ लोगों और वहां काम कर रहे मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। जिला प्रशासन और बचाव दल की प्राथमिकता मलबे को जल्द हटाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मलबे से महिला को जिंदा निकाला गया
हादसे के बाद एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने तेजी से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान मलबे में फंसी एक महिला को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल (Hospital) में भर्ती कराया गया। मौके पर अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबा हटाने का काम लगातार किया जा रहा है।
रात में झुक गई थी इमारत
जानकारी के अनुसार 30 जुलाई की देर रात बिल्डिंग थोड़ा झुक गई थी। इसके बाद वहां मौजूद कई मजदूर तुरंत बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। चूंकि बिल्डिंग में रिपेयरिंग का काम चल रहा था, इसलिए घटना के समय इमारत के अंदर कोई नहीं था। इसके बावजूद मलबे में कुछ मजदूरों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
‘सी-कैटेगरी’ में दर्ज थी इमारत
भिवंडी नगर निगम ने इस बिल्डिंग को ‘सी-कैटेगरी’ यानी बेहद जर्जर और खतरनाक घोषित किया था। इसके बाद कई नोटिस जारी कर अधिकांश लोगों को इमारत खाली करवा दी गई थी। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम जारी था।
जानकारी के मुताबिक, मरम्मत के दौरान कुछ पिलर हटाए गए थे, जिससे इमारत की संरचना और कमजोर हो गई। इसी वजह से बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि हादसे के वक्त 5 से 9 मजदूर अंदर मौजूद थे, जबकि कुछ लोग अपना सामान निकालने के लिए भी पहुंचे थे। फिलहाल अंदर मौजूद लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है।
लोगों से सहयोग की अपील
हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए, जिससे इलाके में भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। फिलहाल घटना में घायल और मृतकों की सही संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।









