Chardham Yatra Registration 2026: कई बड़ी सुविधाओं और नियमों में बदलाव के साथ शुरू हुई उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा शुरू होने के कुछ ही सप्ताह के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि, इस बार पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए लोगों के बीच कहीं ज्यादा उत्साह केदारनाथ धाम के प्रति देखने को मिल रहा है। जहां दर्शन के लिए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इस बार तेजी से बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बन कर निखर रही है, बल्कि इससे उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार को भी नई रफ्तार मिल रही है।
Chardham Yatra Registration 2026: चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
उत्तराखंड में चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। अब तक जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम तक कुल 45 लाख 31 हजार 80 श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। यह संख्या बताती है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल, बाबा केदारनाथ, मां गंगा के धाम गंगोत्री और मां यमुना के उद्गम स्थल यमुनोत्री के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस बार शुरुआती दौर में ही रिकॉर्ड स्तर पर पंजीकरण ने प्रशासन और पर्यटन विभाग को भी उत्साहित किया है।
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केदारनाथ धाम बना श्रद्धालुओं की पहली पसंद
धामवार पंजीकरण के आंकड़ों में केदारनाथ सबसे आगे है। अब तक 14 लाख 86 हजार 936 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। पिछले कुछ वर्षों में केदारनाथ धाम के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण लगातार बढ़ा है। इसके पीछे बेहतर सड़क संपर्क, हेलीकॉप्टर सेवाएं, यात्रा प्रबंधन में सुधार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारपुरी पुनर्निर्माण परियोजना के बाद विकसित हुई नई सुविधाओं को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।
बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी भारी भीड़
केदारनाथ के बाद बदरीनाथ धाम दूसरे स्थान पर है। यहां अब तक 13 लाख 48 हजार 426 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं गंगोत्री धाम के लिए 8 लाख 6 हजार 298 और यमुनोत्री धाम के लिए 7 लाख 78 हजार 525 श्रद्धालुओं ने अपना नाम दर्ज कराया है। चारों धामों में लगातार बढ़ती संख्या यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में यात्रा सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति के साथ और अधिक भव्य होने वाली है।
हेमकुंड साहिब के लिए भी बढ़ रहा उत्साह
सिख श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हेमकुंड साहिब के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पंजीकरण करा रहे हैं। अब तक 1 लाख 10 हजार 895 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित यह पवित्र तीर्थ स्थल हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
दो दिनों में 1.74 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे धाम
यात्रा की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2 जून के लिए 89,261 और 3 जून के लिए 85,067 श्रद्धालु पंजीकृत हैं। यानी सिर्फ दो दिनों में 1 लाख 74 हजार 328 यात्री चारधाम की ओर रवाना होंगे। इन दो दिनों के लिए केदारनाथ में सबसे अधिक 56,757 श्रद्धालु पंजीकृत हैं। बदरीनाथ के लिए 45,109, गंगोत्री के लिए 32,064 और यमुनोत्री के लिए 29,697 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर भी भारी भीड़
हालांकि अधिकांश श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग ऑफलाइन सुविधा का भी लाभ उठा रहे हैं। राज्य सरकार ने हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख स्थानों पर भौतिक पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं। 1 जून को इन केंद्रों से कुल 25,568 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप सबसे व्यस्त केंद्र रहा, जहां 11,492 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। हरिद्वार केंद्र से 11,357 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। इसके अलावा नयागांव केंद्र से 859, हर्बर्टपुर से 528 और ऋषिकेश गुरुद्वारा केंद्र से 1,332 पंजीकरण दर्ज किए गए।
40 दिनों में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे केदारनाथ
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के अनुसार, 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद सिर्फ 40 दिनों के भीतर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह देश और दुनिया के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमाण है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती श्रद्धालु संख्या से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और छोटे कारोबारियों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। यात्रा मार्गों पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस, पुलिस बल और राहत दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन लगातार यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर यात्रा करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।
किसी भी सहायता के लिए यहां करें संपर्क
चारधाम यात्रा के दौरान यदि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की सहायता, जानकारी या आपातकालीन मदद की आवश्यकता हो तो वह राज्य सरकार के टूरिस्ट हेल्पलाइन नंबर 1364 पर संपर्क कर सकता है।














