Chitrakoot: जनपद में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एफएमडी (खुरपका–मुंहपका) टीकाकरण अभियान के सातवें चरण का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर से टीकाकरण अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। (Chitrakoot) इस अवसर पर उन्होंने पशु एम्बुलेंस में रखी दवाओं एवं टीकाकरण किट का निरीक्षण भी किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी पशु चिकित्सालयों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार पशु चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक विकास खंड में कैटल कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि टीकाकरण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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एफएमडी टीकाकरण अभियान 22 जनवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक कुल 45 दिनों तक संचालित किया जाएगा। (Chitrakoot) अभियान के तहत सात माह से अधिक आयु के सभी गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। वहीं, गाभिन पशुओं तथा छह माह से कम आयु के पशुओं को इस अभियान से बाहर रखा गया है।
जनपद में कुल 4,19,678 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 4,17,100 टीके उपलब्ध कराए गए हैं। (Chitrakoot) टीकाकरण कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु जनपद में उपलब्ध पांच पशु एम्बुलेंस, पांच बहुउद्देशीय सचल वाहन तथा 108 पैरावेट/मैत्रियों की सेवाएं ली जाएंगी।
अभियान के तहत प्राथमिकता के आधार पर जनपद की 301 गौशालाओं में संरक्षित 56,076 गोवंशों का पहले टीकाकरण किया जाएगा। इसके पश्चात सभी ग्रामों में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा।
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टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए जनपद के पांच विकास खंडों में कुल 11 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक पशु चिकित्साधिकारी, एक पशुधन प्रसार अधिकारी, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं एक मैत्री/पैरावेट शामिल हैं। इसके अलावा, जनपद स्तर पर एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिसके संचालन की जिम्मेदारी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं संबंधित कर्मचारियों को सौंपी गई है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से एफएमडी जैसे संक्रामक पशु रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और पशुधन को सुरक्षित एवं स्वस्थ रखा जा सके।















