Delhi Liquor Scam : दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश नहीं हुए। उन्होंने ईडी के नोटिस का जवाब भेजा है। केजरीवाल ने जवाब में कहा कि उनके पास छिपाने को कुछ नहीं है। इस समन को वापस लिया जाए। उन्होंने अपने जवाब में स्पष्ट कर दिया है कि वह ईडी के समक्ष गुरूवार को पूछताछ के लिए नहीं पेश होंगे। ये दूसरा मौका है, जब ईडी के समन पर केजरीवाल पेश नहीं हुए हैं।
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दरअसल, 18 दिसंबर को एजेंसी ने शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली सीएम को 21 दिसंबर को हाजिर होने को कहा था। लेकिन केजरीवाल बुधवार 20 दिसंबर को विपश्यना कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। जहां वे 30 दिसंबर तक रहेंगे। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि अरविंद केजरीवाल का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था, इसलिए उसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता है। वे हर साल के आखिरी में विपश्यना करने जाते रहे हैं।

Delhi Liquor Scam : केजरीवाल ने ईडी को क्या दिया जवाब
प्रवर्तन निदेशालय के समन के जवाब में अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “मैं हर कानूनी समन मानने को तैयार हूं। ईडी का ये समन भी पिछले समन की तरह गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित है। इसलिए समन को वापस लिया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि “मैंने अपना जीवन ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जिया है और मेरे पास छिपाने को कुछ नहीं है।”

दिल्ली सीएम को इससे पहले ईडी ने 2 नवंबर को समन जारी किया था, मगर वे तब भी पेश नहीं हुए थे। उन्होंने जांच एजेंसी को एक खत लिखा था, जिसमें 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में व्यस्त होने का हवाला दिया गया था। साथ ही उन्होंने ईडी के नोटिस को गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी। उनका आरोप था कि नोटिस बीजेपी के इशारे पर भेजा गया है ताकि पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में मैं ना जा सकूं।

Delhi Liquor Scam : ईडी के पास अब क्या है विकल्प
ईडी अरविंद केजरीवाल को तीसरी बार नोटिस जारी कर सकती है। एजेंसी तब तक समन जारी कर सकती है, जबतक पूछताछ के लिए केजरीवाल हाजिर नहीं हो जाते। इसके अलावा जांच एजेंसी दिल्ली सीएम के घर अपने एक अधिकारी को पूछताछ के लिए भी भेज सकती है। इतना ही नहीं ठोस सबूत पर उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। बार-बार समन जारी होने के बावजूद पेश न होने और पूछताछ में सहयोग न मिलने के बाद ईडी कोर्ट में एक आवेदन जमा कर उनके खिलाफ गैर – जमानती वारंट जारी करने की मांग कर सकती है।

बता दें कि चर्चित शराब घोटाला केस में ईडी से पहले सीबीआई इस साल 16 अप्रैल को उनसे करीब साढ़े 9 घंटी की लंबी पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे हैं।









