Delhi News: राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत जमींदोज होने से हुए भीषण हादसे के बाद अब आसपास के मकानों पर भी खतरे का साया मंडराने लगा है। प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और असुरक्षित घोषित इमारतों को खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है। इसी कड़े एक्शन के बीच सोमवार मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे पुलिस टीम ने एक जर्जर पीजी पर दस्तक दी और वहां रह रही मैत्रेयी कॉलेज की तीन छात्राओं को फौरन बाहर निकलने का हुक्म सुना दिया। आधी रात को अचानक मिली इस सूचना से छात्राओं में हड़कंप मच गया और उन्हें आनन-फानन में अपना सब कुछ वहीं छोड़कर निकलना पड़ा।
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Delhi News: बेबस छात्राओं का दर्द
अचानक हुए इस घटनाक्रम से घबराईं छात्रा गीतांजलि ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब रात को करीब साढ़े बारह बजे पुलिसकर्मियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वे पूरी तरह सहम गईं। उस वक्त सड़क पर जाने के सिवा उनके पास कोई चारा नहीं बचा था। मैत्रेयी कॉलेज में पढ़ने वाली ये छात्राएं उस इमारत की चौथी मंजिल पर एक कमरे में साथ रह रही थीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने उन्हें एक मिनट भी रुकने की इजाजत नहीं दी। मजबूरी में गीतांजलि ने अपनी एक सहेली को फोन घुमाया और उसके पास शरण ली, लेकिन उनकी किताबें, कपड़े और जरूरी कागजात उसी असुरक्षित ढांचे के अंदर बंद रह गए।
जर्जर मकान नंबर 13 पर चलेगा बुलडोजर
रविवार को हुए भयावह हादसे में 7 बेकसूर छात्रों की जान जाने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन में आ चुका है। तकनीकी जांच टीम ने पास स्थित संपत्ति संख्या 13 की हालत को बेहद चिंताजनक और अत्यंत खतरनाक पाया है। इसके चलते निगम प्रशासन ने मकान स्वामी को नोटिस थमाते हुए स्पष्ट हिदायत दी है कि इस तीन मंजिला ढांचे को अगले तीन दिनों के भीतर खुद ही ध्वस्त कर दिया जाए, वरना निगम का बुलडोजर इसे ढहा देगा। आसपास की अन्य संदिग्ध संरचनाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी बुलडोजर से गिराने की तैयारी है।
निचली मंजिलों के कमरे पहले ही हुए खाली
जब पुलिस की टीम आधी रात को सीढ़ियां चढ़कर चौथी मंजिल पर पहुंची, उससे पहले ही निचली मंजिलों में किराए पर रहने वाली अन्य छात्राएं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जगह छोड़ चुकी थीं। चौथी मंजिल पर छात्राओं वाले कमरे के अलावा तीन अन्य कमरे मकान मालिक ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए रखे थे, जहां पुलिस टीम की मौजूदगी के समय स्वयं मालिक भी उपस्थित था। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जान-माल की हिफाजत सर्वोपरि है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए परिसर को तुरंत खाली कराना ही एकमात्र रास्ता है।
परीक्षा की चिंता में डूबीं छात्राएं
इस बेदखली का सबसे दुखद पहलू यह है कि बेघर हुई छात्राओं को अपनी पढ़ाई और आने वाले कॉलेज सेशन की भारी चिंता सता रही है। एक सहपाठी ने सवाल उठाया कि यदि वे दिल्ली में बिल्कुल नई या प्रथम वर्ष की छात्राएं होतीं और उनका कोई जानकार शहर में न होता, तो इस घुप अंधेरी रात में वे सड़कों पर कहां भटकतीं? बहरहाल, स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अन्य खाली कराए गए पीजी के छात्रों को पास के आत्माराम सनातन धर्म (ARSD) कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के परिसरों में अस्थायी रूप से ठहराया है, जहां उनके लिए भोजन और बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।










