Delhi Satya Niketan Building Collapse: राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के दौर में दक्षिण दिल्ली से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मोती बाग के समीप स्थित सत्य निकेतन इलाके में एक तीन मंजिला मकान अचानक ढह गया। (Delhi Satya Niketan Building Collapse) घटना के समय इमारत के अंदर पीजी हॉस्टल चल रहा था, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र रह रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और भारी मात्रा में कंक्रीट व ईंटों का ढेर जमा हो गया।
Delhi Satya Niketan Building Collapse: रेस्क्यू टीमों ने 3 लोगों को निकाला
आपातकालीन सेवा अग्निशमन विभाग को दोपहर ठीक 1 बजकर 33 मिनट पर इस बड़े हादसे की सूचना मिली। कॉल मिलते ही दमकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 12 गाड़ियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना कर दीं। (Delhi Satya Niketan Building Collapse) मौके पर पहुंची पुलिस, बचाव दल और स्थानीय निवासियों ने मिलकर तुरंत राहत काम शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे के नीचे से 2 से 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। हालांकि अब भी कई मासूम जिंदगियों के मलबे में फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
विधायक अनिल शर्मा ने लिया जायजा
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आरके पुरम क्षेत्र के स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि राहत कार्य बेहद मुस्तैदी के साथ जारी है। उन्होंने भारी मन से इस बात को स्वीकार किया कि मलबे के नीचे कई छात्र दबे हुए हैं। विधायक ने कहा कि प्राथमिकता हर एक फंसे हुए व्यक्ति को सलामत बाहर निकालने की है, हालांकि कुल घायलों और प्रभावितों का सही अंदाजा बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही लगेगा।
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छात्र सुरक्षा पर भड़का NSUI
इस हादसे के तुरंत बाद कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए इसे घोर लापरवाही करार दिया। एनएसयूआई ने लिखा कि सत्य निकेतन में छात्रों के मलबे में दबने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र, दिल्ली और नगर निगम तीनों जगह सत्ता का नियंत्रण एक ही व्यवस्था के हाथ में है, तो फिर छात्रों की जान-माल की जिम्मेदारी किसकी है? संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।










