Dev Deepawali: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज, 27 नवंबर, 2023 को देव दीपावली मनाई जाएगी। इस मौके पर काशी के 85 घाटों को 12 लाख दीपों से रोशन किया जाएगा। यह एक अद्भुत दृश्य होगा, जब गंगा के किनारे दीपों की मालाएं सज जाएंगी और मां गंगा का शृंगार होगा।
देव दीपावली एक प्राचीन परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती गंगा के तट पर आते हैं और दीपों का दीदार करते हैं। इस दिन गंगा में स्नान करने का भी विशेष महत्व है।
इस बार देव दीपावली पर 70 देशों के राजदूत और उनके परिवार भी मौजूद रहेंगे। (Dev Deepawali) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वे देव दीपावली का दीदार करेंगे।
देव दीपावली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। घाटों की सफाई और साज-सज्जा का काम पूरा हो चुका है। दीपों की व्यवस्था भी की जा चुकी है। (Dev Deepawali) देव दीपावली का नजारा देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक काशी आ रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस, नाव, बजड़ा, बोट व क्रूज लगभग पहले से बुक और फुल हो गए हैं। देव दीपावली काशी की एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है। यह पर्व वाराणसी की भव्यता और ऐतिहासिकता को दर्शाता है।
Dev Deepawali: देव दीपावली का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
दीपावली के 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा पर देवताओं की दीपावली होती है. ऐसी मान्यता है कि इस पर्व को मनाने के लिए देवता स्वर्ग से काशी के पावन गंगा घाटों पर अदृश्य रूप में अवतरित होते हैं और महाआरती में शामिल श्रद्धालुओं के मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं. ये पर्व काशी की प्राचीन संस्कृति का खास अंग है. (Dev Deepawali) देव दीपावली का वर्णन शिव पुराण में मिलता है कि जब कार्तिक मास में त्रिपुरासुर नामक राक्षस ने देवताओं पर अत्याचार शुरू किया और उनको मारने लगा तब भगवान विष्णु ने इस क्रूर राक्षस का वध इसी दिन किया था और देवताओं ने दीपावली मनाई थी.










