Eid Ki Namaz: कानपुर में सड़क पर पढ़ी नमाज, 1800 से अधिक लोगों पर FIR

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Eid Ki Namaz: शासन प्रशासन के मना करने के बाद कानपुर में 1800 नमाजियों ने सड़क पर बैठकर ईद की नमाज पढ़ी थी. इसके चलते सड़क पर यातायात बाधित हुआ था. इस मामले में कानपुर की कमिश्नरेट पुलिस ने नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसमें ईदगाह कमेटी के सदस्यों को नामजद आरोपी बनाते हुए पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया है. इन सभी को बयान के लिए बुलाया गया है. इसी प्रकार कानपुर के ही बाबू पुरवा में 50 से अधिक नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

यह नमाजी भी सड़क पर यातायात बाधित कर नमाज पढ़ने बैठ गए थे. (Eid Ki Namaz) बता दें कि रमजान के पहले ही उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार और सभी जिलों की पुलिस और प्रशासन ने नमाजियों को अगाह किया था. सभी को चेतावनी दी गई थी कि कोई नमाज के बहाने सड़क पर यातायात बाधित ना करे. इस सरकारी आदेश के बाद कई मस्जिदों से सार्वजनिक तौर पर ऐलान भी किया गया था कि कोई नमाजी सड़क पर बैठकर नमाज नहीं पढ़ेगा.

बावजूद इसके कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र और बाबू पुरवा थाना क्षेत्र में सड़क पर नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इन दोनों ही मामलों में नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है.जाजमऊ थाना क्षेत्र में सड़क पर नमाज पढ़ने के मामले में दरोगा राजबहादुर सिंह ने तहरीर दी है. इसमें उन्होंने ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों को आरोप लगाते हुए बताया है कि सड़क पर नमाज पढ़ने की वजह से यातायात व्यवस्था बाधित हुई और जगह जगह जाम लग गया.

बजरिया थाने में भी दर्ज हुआ केस

इसी प्रकार बजरिया थाने में दरोगा ओमवीर सिंह ने इसी तरह का आरोप लगाते हुए नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. जबकि बाबू पुरवा थाने में दरोगा बृजेश सिंह ने 50 नमाजियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इन सभी पर सार्वजनिक यातायात बाधित करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन के अलावा अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

बता दें कि सड़क पर नमाज या खुले में नमाज को लेकर सरकार सख्त है. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि सभी को पूजा पाठ का अधिकार है, लेकिन इससे किसी अन्य व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसी क्रम में सरकार ने खुले में नमाज पर कड़े शब्दों में रोक लगा दी थी. वहीं सभी जिलों में पुलिस ने खुले में नमाज रोकने के लिए सभी मस्जिद प्रबंधकों को निर्देशित किया था. इसमें चेतावनी भी दी गई थी कि सरकारी आदेश के उल्लंघन की दशा में सख्ती से निपटा जाएगा.

https://youtu.be/5JiA258CiPk

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