Gorakhpur ISBT Project 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में विकास की रफ्तार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, एम्स और औद्योगिक परियोजनाओं के बाद अब शहर को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। गोरखपुर का पहला इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बनाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे स्टेशन से सीधे जुड़ने वाले इस हाईटेक टर्मिनल में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जबकि देश के प्रमुख राज्यों के लिए बस सेवाओं का संचालन भी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक हो सकेगा। (Gorakhpur ISBT Project 2026) शहर के पहले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। रेलवे बस स्टेशन की जगह करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक बस अड्डा न केवल पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा। मिट्टी परीक्षण का काम शुरू हो चुका है और अगले दो वर्षों में परियोजना के पूरा होने की उम्मीद की जा रही है।
Gorakhpur ISBT Project 2026: 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होगा बस टर्मिनल
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC गोरखपुर के रेलवे बस स्टेशन को आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल के रूप में विकसित करने जा रहा है। लगभग 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाला यह प्रोजेक्ट आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। (Gorakhpur ISBT Project 2026) यह बस अड्डा राजधानी लखनऊ के आलमबाग बस टर्मिनल की तर्ज पर विकसित होगा, जहां यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं मिलेंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मौजूदा बस स्टेशन को अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।
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रेलवे स्टेशन से फुट ओवरब्रिज के जरिए होगा सीधा संपर्क
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत रेलवे स्टेशन से इसका सीधा जुड़ाव होगा। प्रस्तावित योजना के तहत रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनल को फुट ओवरब्रिज के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क पार करने या लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह सुविधा गोरखपुर को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
देश के प्रमुख राज्यों के लिए मिलेगी सीधी बस सेवा
नए ISBT के शुरू होने के बाद दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए लंबी दूरी की बस सेवाओं का संचालन और अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। वर्तमान में गोरखपुर बस स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 1100 से 1200 बसों का संचालन होता है। (Gorakhpur ISBT Project 2026) सामान्य दिनों में यहां 50 से 60 हजार यात्री आवागमन करते हैं। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यह संख्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में आधुनिक बस टर्मिनल यात्रियों के बढ़ते दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा नया बस अड्डा
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस टर्मिनल में कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अलग-अलग दिशाओं और रूटों की बसों के लिए अलग प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। जिससे यात्रियों को बस खोजने में परेशानी नहीं होगी। (Gorakhpur ISBT Project 2026) पूरे परिसर में डिजिटल सूचना प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो बसों के आगमन और प्रस्थान की रीयल-टाइम जानकारी देगी। सुरक्षा के लिए हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और पूरे परिसर की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी।
वातानुकूलित प्रतीक्षालय, कैंटीन और मनोरंजन की व्यवस्था
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आरामदायक वातानुकूलित प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। प्रतीक्षालय के साथ ही कैंटीन की सुविधा उपलब्ध होगी, जहां यात्रियों को भोजन और नाश्ता मिल सकेगा। यात्रियों के मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा साफ-सुथरे शौचालय, पेयजल, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी होंगे आकर्षण का केंद्र
यह बस टर्मिनल केवल परिवहन केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक व्यावसायिक हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा। (Gorakhpur ISBT Project 2026) परिसर में मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग स्पेस बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को यात्रा से जुड़ी अधिकांश सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा देने की तैयारी
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बस टर्मिनल में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। सरकार की हरित परिवहन नीति के अनुरूप यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
गोरखपुर ISBT परियोजना उत्तर प्रदेश में बस अड्डों के आधुनिकीकरण की बड़ी योजना का हिस्सा है। (Gorakhpur ISBT Project 2026) राज्य सरकार और परिवहन निगम ने प्रदेश के 23 प्रमुख बस स्टेशनों के पुनर्निर्माण और विकास के लिए उन्हें 90 वर्ष की लीज मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया है। गोरखपुर का यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में से एक बनने की क्षमता रखता है। रेलवे, सड़क और भविष्य की परिवहन जरूरतों को एक मंच पर लाने वाला यह हाईटेक बस टर्मिनल शहर की नई इबारत गढ़ने के लिए तैयार है।













