Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Case) मामले को लेकर हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट याचिका दाखिल की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में पूजा-अर्चना रोकने की तत्कालीन प्रदेश सरकार की कार्रवाई को अवैध करार करते हुए अंजुमन इंतेजामिया की अपील सोमवार को खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी अर्जी में हिंदू पक्ष ने कहा था कि अगर इस मामले में मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट आता है तो उसका भी पक्ष सुना जाए। लेकिन इन सब के बाद ज्ञानवापी केस में एक और ट्विस्ट सामने आया है।
Gyanvapi Case: हिन्दू पक्ष ने डाली एक और याचिका
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हाल ही में ज्ञानवापी केस ने एक नया मोड़ लिया है हिन्दू पक्ष ने जिला अदालत में एक और याचिका दाखिल की है जिसमें वह तहखाने की छत पर नमाज पढ़ने से रोकने की मांग कर रहे है। इसके साथ ही 500 वर्ष पुरानी छत की मरम्मत की भी मांग की जा रही है। दाखिल की गयी याचिका में सुरक्षा और आस्था का हवाला दिया गया है। वादी डॉ राम प्रसाद सिंह ने इस विषय पर नई याचिका दाखिल की है। आज दोपहर 2.30 बजे जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होगी।
अदालत ने व्यास तहखाने के अंदर हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति देने और वाराणसी के जिला न्यायाधीश के निर्णय को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि 1993 में वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के दक्षिणी तहखाने में पूजा अनुष्ठान का रोक अवैध था। इसके बाद जब दोनों पक्षों को सुना गया, तो अदालत ने 15 फरवरी को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने यह निर्णय लिया कि व्यास तहखाने में पूजा-अर्चना जारी रहेगी।









