KGMU Aparna Yadav: शुक्रवार को लखनऊ के केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में उस वक्त तनाव फैल गया जब राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचीं। अपर्णा यादव का कहना था कि वह धर्मांतरण के मुद्दे पर केजीएमयू के वाइस चांसलर से मिलना चाहती थीं। (KGMU Aparna Yadav) केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि अपर्णा यादव बिना किसी सूचना के वहां आईं और अपने करीब 200 समर्थकों के साथ वीसी से मिलने की जिद करती रही, जिसके कारण हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल बुलानी पड़ी।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर्णा यादव को शुक्रवार देर शाम तलब किया। (KGMU Aparna Yadav) वहीं, अपर्णा यादव के खिलाफ चौक कोतवाली में केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर की ओर से तहरीर दी गई है।
KGMU Aparna Yadav: अपर्णा यादव ने लगाए गंभीर आरोप
हंगामे के बाद अपर्णा यादव ने केजीएमयू में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने केजीएमयू को ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बताते हुए कहा कि यहां महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और धर्मांतरण जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन पर केजीएमयू प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय है। (KGMU Aparna Yadav) अपर्णा यादव ने यह भी आरोप लगाया कि केजीएमयू में पिछले दो साल से बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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वीसी डॉ. नित्यानंद सोनिया ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा
इस विवाद के बाद केजीएमयू के वाइस चांसलर डॉ. नित्यानंद सोनिया ने पूरे मामले की जानकारी देने के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
डॉक्टरों की बैठक और मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप
घटना के बाद केजीएमयू में डॉक्टरों की एक बड़ी बैठक हुई। (KGMU Aparna Yadav) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर्णा यादव को मिलने के लिए बुलाया। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में केजीएमयू में हुए हंगामे और वहां लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।















