Kisan Andolan: चार दौर की वार्ता में बात नहीं बनने पर पंजाब के किसानों ने एक बार दिल्ली कूच करने की कोशिश में हैं। आंदोलन के नेतृत्व कर रहे किसान संगठन ने 21 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान किया था, जिसके बाद आज सुबह हरियाणा (Kisan Andolan) के शंभू और खरौनी बार्डर से दिल्ली जाने की कोशिश की। लेकिन इन बार्डरों पर भारी संख्या में तैनात सुरक्षा बलों ने किसानों को पीछे धकले दिया।
शंभू बार्डर की सील सीमाओं को तोड़ने की कोशिश में किसानों के ऊपर पैरामिलिट्री और पुसिल बल के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे। तब से यहां पर तनावपूर्ण की स्थिति बनी हुई है और किसान और सुरक्षा बल आमने-सामने खड़े हैं। दिल्ली कूच के बीच किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया है।
Kisan Andolan: सरकार के लिए 2 लाख करोड़ राशि बड़ी नहीं
लोकसभा इलेक्शन के लिए बीजेपी मोर्चे पर, 24 फ़रवरी को होगी राज्यों के चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी की बैठक. #india24x7livetv #NewsUpdate #bhartiyajantaparty pic.twitter.com/zeyZj6Aukm
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) February 21, 2024
बुधवार को किसान नेता पंधेर ने कहा कि किसानों की मांग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे आना चाहिए या फिर उन्हें दिल्ली कूच के लिए अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा, एमएसपी कानून बनने के बाद सरकार पर 1.5 से 2 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जोकि यह राशि सरकार के लिए कोई बड़ी बात नहीं। अगर सरकार ऐसा नहीं कर पा रही तो हमें इन बाधाओं को हटाने और दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हमने बैठकों में हिस्सा लिया। हर बिंदु पर चर्चा हुई और अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है। हालांकि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे। वहीं, अन्य किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान, जो सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद पंजाब और हरियाणा के बीच दो सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं, सरकार उन्हें अनुमति दे, हम शांतिपूर्वक दिल्ली की ओर मार्च करेंगे।
पंजाब और हरियाणा के बीच सीमाओं पर बहुस्तरीय बैरिकेड्स लगाने के लिए केंद्र सरकार की निंदा की। दल्लेवाल ने शंभू सीमा पर संवाददाताओं से कहा, हमारा अनुरोध है कि हम शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार को स्वयं बैरिकेड हटा देना चाहिए और हमें दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति देनी चाहिए और दिल्ली में हमारे बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए।









