Manipur violence: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। मंगलवार को राज्य के चंदेल जिले में ताबड़तोड़ फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना चंदेल जिले के चकफेल इलाके में हुई। यहां दो समूहों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई।
घटना में मारे गए दोनों लोगों की पहचान 25 वर्षीय एम. थोईखोम और 22 वर्षीय एम. थोंगमोन के रूप में हुई है। (Manipur violence) घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने इस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस हिंसा के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
इस घटना से पहले, मणिपुर में पिछले एक महीने में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है। (Manipur violence) इनमें हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात दो पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे हैं।
मणिपुर में पिछले साल 3 मई 2022 से हिंसा जारी है। इस हिंसा में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई है और 3000 से अधिक घायल हो गए हैं। इस हिंसा में हजारों लोग विस्थापित भी हुए हैं।

राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों के कम से कम 60,000 कर्मियों की तैनाती के बावजूद आठ महीने से अधिक समय से हिंसा जारी है।
मणिपुर में हिंसा का कारण विभिन्न समूहों के बीच क्षेत्रीय विवाद और राजनीतिक मांगें हैं। इन समूहों में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन)-आईएम, नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट ऑफ मणिपुर (एनपीएफएम), और मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (एमपीएलएफ) शामिल हैं।
मणिपुर सरकार ने इस हिंसा को रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। सरकार ने इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

Manipur violence: हिंसा पर क्या बोली Manipur Police?
मणिपुर पुलिस की ओर से बताया गया कि इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर दो समुदायों के ग्रामीणों के बीच गोलीबारी हुई थी. (Manipur violence) ताजा हिंसा के बाद इम्फाल घाटी के कडांगबंद, कौट्रुक और कांगचुप गांवों से लोगों के जान बचाकर भागने की भी खबरें हैं. (Manipur violence) मंगलवार की घटना इंफाल और कांगपोकपी जिले के बीच एक क्षेत्र में दो सशस्त्र गुटों के बीच गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत के ठीक दो दिन बाद हुई है.

महीने भर में हो चुकी है 9 लोगों की मौत
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले 1 महीने में मणिपुर में भड़की हिंसा में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात दो पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे. सूबे में पिछले साल 3 मई 2022 को शुरू हुई हिंसा में 180 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 3000 से अधिक घायल हो चुके हैं. हिंसा में हजारों लोग विस्थापित भी हुए, जबकि राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों के कम से कम 60,000 कर्मियों की तैनाती के बाद भी आठ महीने से अधिक समय से वहां रुक-रुक कर हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं.









