Uttarakhand: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में पौड़ी जिले के वीरेंद्र सिंह बिष्ट और चमोली जिले के रविंद्र सिंह रावत शहीद हो गए। (Uttarakhand) दोनों जवानों के पार्थिव शरीर शनिवार को उनके घर पहुंचेंगे।
वीरेंद्र सिंह बिष्ट पौड़ी जिले के थलीसैंण क्षेत्र के निवासी थे। वह भारतीय सेना की 23 राजपूत रेजिमेंट में तैनात थे। (Uttarakhand) रविंद्र सिंह रावत चमोली जिले के पांडवखाल क्षेत्र के निवासी थे। वह भारतीय सेना की 41 पैराशूट रेजिमेंट में तैनात थे।

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दोनों जवानों के शहीद होने की खबर से उनके परिजनों और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद वीरेंद्र सिंह बिष्ट के पिता त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि उनका बेटा 2017 में सेना में भर्ती हुआ था। वह बहुत ही मेहनती और देशभक्त था।
शहीद रविंद्र सिंह रावत के पिता दलवीर सिंह रावत ने बताया कि उनका बेटा 2019 में सेना में भर्ती हुआ था। वह बहुत ही साहसी और देशभक्त था।
दोनों जवानों के पार्थिव शरीर शनिवार को उनके घर पहुंचेंगे। उनके अंतिम संस्कार में सैन्य अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों जवानों के शहीद होने पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। (Uttarakhand) उन्होंने कहा कि शहीद जवान देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो गए हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों को हर संभव मदद की जाएगी।















