Nyay Yatra: राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों झारखंड में है। (Nyay Yatra) इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के सत्ता में आने पर आरक्षण की 50 फीसदी सीमा खत्म करने का बड़ा वादा किया है।
गोड्डा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर हम आरक्षण की 50 फीसदी सीमा को हटा देंगे।” (Nyay Yatra) उन्होंने कहा कि यह सीमा गरीबों और वंचितों के खिलाफ भेदभाव है।
राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा आरक्षण के खिलाफ है। वे गरीबों और वंचितों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित करना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।

Nyay Yatra
आरक्षण की 50 फीसदी सीमा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं। इन याचिकाओं में मांग की गई है कि आरक्षण की सीमा को हटाया जाए।
राहुल गांधी का यह वादा आदिवासी और दलित समुदायों के बीच बहस का विषय बन गया है। कुछ लोगों का मानना है कि यह वादा इन समुदायों को आकर्षित करने के लिए किया गया है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह वादा गरीबों और वंचितों के लिए न्याय दिलाने के लिए किया गया है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए खुद का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस नेता सरकार में ओबीसी की संख्या गिनाते रहते हैं, लेकिन वे सबसे बड़े ओबीसी को देखने में विफल रहते हैं। (Nyay Yatra) पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, प्रधानमंत्री इस बीच अक्सर कह रहे थे देश में सिर्फ दो जातियां हैं- अमीर और गरीब, मगर आज संसद में उन्होंने खुद को ‘सबसे बड़ा OBC’ बताया।

उन्होंने आगे लिखा, किसी को छोटा और किसी को बड़ा समझने की इस मानसिकता को बदलना जरूरी है। OBC हों, दलित हों या आदिवासी, बिना गिनती के उन्हें आर्थिक और सामाजिक न्याय नहीं दिलाया जा सकता। मोदी जी इधर उधर की इतनी बातें करते हैं, तो गिनती से क्यों डरते हैं?
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, तेलंगाना राष्ट्र समिति और द्रमुक जैसे दल शामिल हैं।
यह देखना बाकी है कि राहुल गांधी का यह वादा कितना प्रभावी होता है।









