Uttar Pradesh politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों अंदरखाने हलचल तेज है। एक तरफ योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा जोरों पर है, तो दूसरी ओर भाजपा उन नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने की तैयारी में है, जो विधायक नहीं हैं लेकिन संगठन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। संकेत साफ हैं कि सत्ता और संगठन दोनों मोर्चों पर बड़ा संतुलन साधने की कवायद शुरू हो चुकी है।
Uttar Pradesh politics: मुख्यमंत्री आवास में अहम बैठक
मंगलवार शाम पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। (Uttar Pradesh politics) इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक को औपचारिक रूप से मासिक बताया गया, लेकिन इसके मायने कहीं ज्यादा बड़े माने जा रहे हैं।
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मिशन-2027 की बुनियाद
भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक रणनीति पर काम तेज कर दिया है। (Uttar Pradesh politics) कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने सामाजिक संतुलन का साफ संदेश दिया है। अब इसी रणनीति के तहत मंत्रिमंडल विस्तार, आयोग, निगम और बोर्डों में खाली पड़े पदों को भरने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संगठन से जुड़े नेताओं को नई जिम्मेदारी दी जा सके।
संगठन से सरकार तक तालमेल
कोर कमेटी की बैठक से पहले संघ कार्यालय भारती भवन में भी करीब दो घंटे तक मंथन हुआ। (Uttar Pradesh politics) वहां संगठनात्मक ढांचे, जिलों में नई टीम के गठन और आने वाले महीनों की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में सरकार और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर फोकस किया गया।
पार्षदों और आयोगों पर नजर
बैठक में नगर निकायों में 2800 से अधिक पार्षदों के मनोनयन की प्रक्रिया तेज करने के संकेत मिले हैं। साथ ही आयोग, निगम और बोर्डों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी भी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही कई नेताओं को ‘लाल बत्ती’ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
कोर कमेटी की बैठक में एसआईआर से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। तय किया गया कि ज्यादा से ज्यादा नए वोटर बनवाने पर जोर दिया जाएगा और संदिग्ध वोटरों को लेकर बड़े पैमाने पर आपत्तियां दाखिल की जाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया में संघ की मदद भी ली जाएगी।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने लिखा कि संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। सियासी जानकार मान रहे हैं कि यह मुलाकात आने वाले बड़े फैसलों की भूमिका है, जिनका असर यूपी की राजनीति में जल्द दिखेगा।









