Ram Mandir: अयोध्या में बन रहे रामलला के भव्य मंदिर के उद्घाटन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 22 जनवरी को होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रमुख विपक्षी नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है। समारोह में विपक्ष का कौन-कौन नेता शामिल होगा, इसको लेकर कयासों का दौर जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया है।
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संभल से सांसद बर्क ने कहा कि मैं राम मंदिर (Ram Mandir) के उद्घाटन समारोह में बिल्कुल नहीं जाऊंगा क्योंकि मेरी मस्जिद वहां जमाने से बनी हुई थी, उसे खत्म कर दिया गया। जबरदस्ती ताकत के बल पर सब लोगों ने मिलकर मस्जिद को खत्म कर दिया है। हम तो बस अल्लाह से दुआ करेंगे कि जो बाबरी मस्जिद हमसे छीन ली गई है, वो हमें वापस दे दी जाए। सपा सांसद का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब अखिलेश यादव खुलकर कह चुके हैं अगर उन्हें न्योता मिलता है तो वे जरूर जाएंगे।
Ram Mandir: बर्क ने बाबरी मस्जिद वापस करने की मांग की
सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि दुनिया के अंदर सभी धर्मों के लोग मौजूद हैं, लेकिन कहीं ऐसा नहीं हुआ। इस तरह मस्जिद को तोड़कर मंदिर बना दिया जाए, ये कौन सी इंसानियत है। उन्होंने कहा कि हम बस यही चाहते हैं कि जो बाबरी मस्जिद हमसे छिनी गई, वो वापस कर दी जाए। बर्क ने कोर्ट के फैसले पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि वहां भी हमारी उम्मीद के खिलाफ हुआ।
यहां तक कि कोर्ट ने मंदिर बनाने का आदेश दे दिया। ये तो सोने पे सुहागा हो गया। मस्जिद मेरी शहीद कर दी और अब उस पर मंदिर बनाया जा रहा है। ये इंसानियत के खिलाफ है और संविधान के खिलाफ है। कन्नौज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रत पाठक ने कुछ दिनों पहले राम मंदिर ट्रस्ट से अपी की थी कि सपा को प्राण प्रतिष्ठा समारोह से दूर रखा जाए।
उन्होंने कहा था कि रामभक्तों की हत्यारी समाजवादी पार्टी क समारोह में न आमंत्रित किया जाए। उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर मुलायम सरकार के दौरान चली गोली का जिक्र किया। दरअसल, अभी तक विपक्ष के कई बड़े नेताओं को ट्रस्ट की ओर से निमंत्रण दिया जा चुका है लेकिन अभी तक सपा के किसी नेता को निमंत्रण नहीं मिला है। हालांकि, अखिलेश यादव और शिवपाल यादव साफ कह चुके हैं कि अगर उन्हें न्योता मिलता है तो वे जरूर जाएंगे।









