Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary: भारत के प्रथम गृहमंत्री और ‘लौह पुरुष’ कहे जाने वाले वल्लभभाई पटेल की आज 73वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “ग्रेट सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि। उनका जीवन देश के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही देशभक्ति की भावना को अपने मन में संजोया था। (Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary) उन्होंने 1920 में कांग्रेस में शामिल होकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई बार जेल भी गए। स्वतंत्रता के बाद पटेल ने भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाने के लिए अथक प्रयास किए। उन्होंने 565 रियासतों का भारत में विलय कराया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें ‘लौह पुरुष’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
पटेल एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी मृत्यु 15 दिसंबर, 1950 को हुई। पटेल के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरदार पटेल एक महान राष्ट्रवादी थे। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। (Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary) उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र है।” पटेल की पुण्यतिथि पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।
Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary: हार्ट अटैक से हुआ निधन
सरदार पटेल का जन्म गुजरात के नाडियाड में 1875 में हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बैरिस्टर के तौर पर की और बाद में वह राजनीति में आ गए. वह कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे और आजादी की लड़ाई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से एक थे. सरदार पटेल ने अनेक रैलियां आयोजित करके ब्रिटिश सरकार को उखाड़ फेंका. देश को आजादी दिलाने के लिए वह कई बार जेल भी गए. लेकिन उन्होंने इस दौरान अपना हौसला नहीं टूटने दिया.
15 दिसंबर 1950 को बंबई (मुंबई) में दिल का दौरा पड़ने से सरदार पटेल का निधन हो गया. (Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary) उन्होंने कई साल अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई की थी. सरदार पटेल ने इंग्लैंड जाने से पहले कानून की पढ़ाई की और गोधरा, बोरसाद और आनंद में प्रैक्टिस की. सरदार पटेल जब 36 वर्ष के थे, तो कानून की पढ़ाई करने के लिए वह इंग्लैंड चले गए. उन्होंने लंदन के इन्स ऑफ कोर्ट में मिडिल टेम्पल में एडमिशन लिया. उन्होंने अपना 36 महीने का कोर्स 30 महीने में पूरा कर लिया था.















