Shri Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi: हनुमानजी की महिमा और उनके अद्वितीय बल, बुद्धि, और भक्ति को दर्शाने वाला एक दिव्य पाठ है। इस पाठ को नियमित रूप से पढ़ने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। साथ ही यह मानसिक तनाव, शारीरिक कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का एक प्रभावी उपाय है। यदि आप भी अपने जीवन में हनुमानजी की कृपा पाना चाहते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करें, खासकर मंगलवार और शनिवार के दिन।
भगवान हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों का दाता कहा जाता है, जो बजरंगबली को, जब माता सीता के द्वारा लंका मे रावण के वहाँ अशोक वाटिका में बंदी थी। तब भगवान राम ने माता सीता का पता लगाने के लिए हनुमान जी को भेजा था। जब हनुमान जी लंका पहुँचें और माता सीता को खोजते हुये अशोक वाटिका पहुंचे थे, तब उन्होने माता सीता को भगवान श्रीराम का दूत होने का भरोसा दिलाने के लिए भगवान की अंगूठी दी। इससे माता सीता भाव-विभोर हो गयी थीं। तब उन्होने हनुमान जी को ऐसा आशीर्वाद दिया था। हनुमान चालीसा का पाठ नियमित रूप से करने पर इन सिद्धियों की प्राप्ति भी भक्तजन कर सकते हैं।
श्री हनुमान चालीसा (Shri Hanuman Chalisa Lyrics)
॥ दोहा ॥
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे॥
शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना॥
आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै॥
चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे।। असुर निकन्दन राम दुलारे॥
अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुह्मरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अंत काल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई॥
और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥
सङ्कट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महं डेरा॥
॥ दोहा ॥
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरतिरूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

श्री हनुमान चालीसा पाठ के लाभ
हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में अनेक लाभ होते हैं, हनुमान जी के भक्त प्रायः हर मंगलवार को हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa Lyrics) पढ़ते हैं, जिससे उन्हें कई लाभ प्राप्त होते हैं। जैसे कि:
शनि दोष से मुक्ति: हनुमान चालीसा का पाठ शनि दोष और अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभाव को समाप्त करने में सहायक है। यह पाठ व्यक्ति को ग्रहों के दोष से मुक्ति दिलाता है।
मानसिक शांति: हनुमान चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन के तनाव से मुक्ति मिलती है।
राम और हनुमानजी की कृपा: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ राम और हनुमानजी की कृपा को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
शक्ति और साहस का विकास: इस पाठ को करने से मनुष्य के भीतर अद्वितीय शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है।
भय और नकारात्मक ऊर्जा का नाश: हनुमान चालीसा के पाठ से जीवन में डर और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। यह व्यक्ति को मानसिक मजबूती प्रदान करता है।
हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa Lyrics) न केवल एक धार्मिक पाठ है, बल्कि यह एक अद्वितीय जीवन दर्शन भी है जो व्यक्ति को एक बेहतर और खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यदि आप भी अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाना चाहते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ नियमित रूप से करें और श्रीराम व हनुमानजी की कृपा प्राप्त करें।
जय श्रीराम, जय हनुमान!
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