Ujjwala Yojana Ke Naye Niyam 2026: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर लोगों की थाली पर भी पड़ना शुरू हो चुका है। एक ओर गैस सिलेंडर की कीमतों ने लोगों के बजट को बिगाड़ने का काम किया वहीं अब सब्सिडी में कटौती की खबर एक बड़ी चुनौती बन कर खड़ी हो गई है। देश में घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली 300 रुपए प्रति सिलेंडर सब्सिडी को जारी तो रखा है, लेकिन इसके दायरे में बड़ी कटौती कर दी है। अब लाभार्थियों को सालभर में केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी, जबकि पहले 9 सिलेंडरों तक यह लाभ देने की घोषणा की गई थी।
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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में 29 रुपए की बढ़ोतरी की है। इससे पहले मार्च में 60 रुपए का इजाफा किया गया था। यानी सिर्फ दो महीनों के भीतर रसोई गैस 89 रुपए महंगी हो चुकी है।
Ujjwala Yojana: क्या बदला है उज्ज्वला योजना में?
सरकार के नए फैसले के अनुसार, देश के 10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला लाभार्थियों को अब साल के पहले चार LPG रिफिल पर ही 300 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। इसके बाद यदि परिवार अतिरिक्त सिलेंडर लेता है तो उसे सामान्य उपभोक्ताओं की तरह पूरी कीमत चुकानी होगी। नई व्यवस्था के तहत मौजूदा दरों पर उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद एक सिलेंडर प्रभावी रूप से करीब 642 रुपए का पड़ेगा। हालांकि पांचवें सिलेंडर से उन्हें 942 रुपए प्रति सिलेंडर का भुगतान करना होगा।
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सरकार ने क्यों घटाई सब्सिडी?
सरकार का तर्क है कि उज्ज्वला योजना से जुड़े अधिकांश परिवारों की औसत वार्षिक खपत लगभग चार सिलेंडर ही है। इसी आधार पर सब्सिडी को चार रिफिल तक सीमित करने का निर्णय लिया गया है। जबकि कई उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि ग्रामीण और बड़े परिवारों में सालभर में चार से अधिक सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए पूरी कीमत चुकाना उनके घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय संकट का असर
सरकार के मुताबिक LPG कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति है। भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के बाद से वैश्विक LPG बेंचमार्क माने जाने वाले ‘सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ (CP) में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1,600 रुपए से भी अधिक पहुंच गई है।















