UP Congress: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की जगह अविनाश पांडे को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। (UP Congress) वहीं कुमारी सैलजा को उत्तराखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं केसी वेणुगोपाल संगठन के महासचिव बने रहेंगे और इस समय प्रियंका गांधी के पास किसी भी राज्य की जिम्मेदारी नहीं है।
प्रियंका गांधी ने यूपी कांग्रेस की कमान 2022 में संभाली थी। उन्होंने कई चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों का आयोजन किया, लेकिन पार्टी को 2022 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे।

अविनाश पांडे एक ब्राह्मण नेता हैं। उन्हें यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाकर कांग्रेस पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है। (UP Congress) यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक काफी महत्वपूर्ण है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ब्राह्मण वोटों का अच्छा समर्थन हासिल किया था।
कांग्रेस संगठन में हुए इस फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है। कुछ लोगों का मानना है कि यह फेरबदल प्रियंका गांधी की हार के बाद पार्टी में हुए अंतर्कलह को दूर करने के लिए किया गया है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह फेरबदल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी का हिस्सा है।
UP Congress: अविनाश पांडे के बारे में
अविनाश पांडे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वह यूपी कांग्रेस के पूर्व महासचिव रह चुके हैं। वह 2008 में महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उन्हें 2010 में दोबारा राज्यसभा में निर्विरोध चुना गया था।

2019 में कांग्रेस का बेहद खराब रहा प्रदर्शन
2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। राहुल गांधी अमेठी की सीट से चुनाव हार गए थे और केवल सोनिया गांधी रायबरेली की एक सीट पर जीत दर्ज कर सकी थीं। इसके बाद ज्योतिरादित्य किनारे हो गए थे (UP Congress) और प्रियंका को पूरे उप्र का प्रभार सौंप दिया गया था।

2022 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने प्रियंका काे ही पूरा जिम्मा सौंपा और उन्होंने भी कई प्रयाेग किए। लड़की हूं लड़ सकती हूं के नारे के साथ प्रियंका ने चालीस प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारे पर उनका यह प्रयोग भी असफल रहा। विधानसभा चुनाव में लचर प्रदर्शन के बाद ही प्रियंका की उप्र से दूरियां बढ़ गई थीं। चर्चा यह भी है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में वह उत्तर प्रदेश से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।














