UP News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश (UP News) के सहारनपुर जिले में रहने वाले दलित परिवारों ने अपनी जान को खतरा बताया है। मामला जिले के ढ़लावली गांव का है, जो मुस्लिम बहुल आबादी वाला गांव है। यहां रह रहे बाल्मिकी समाज के एक परिवार ने गांव के ही मुसलमानों पर धर्मांतरण नहीं करने पर उनकी जमीन पर कब्जा करने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है, जिसके बाद पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है।
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पीड़ित पक्ष की ओर से 55 वर्षीय धीरा ने बताया कि उसके पूर्वज कुंडाकल गांव में रहते थे। साल 1967 में यमुना में आई बाढ़ के कारण उनका गांव डूब गया। इसके बाद उनके पूर्वज और पूरा गांव ढ़लावली गांव आकर बस गया। वह जन्म से उसी गांव में रह रहा है। धीरा ने बताया कि उसकी जीविका मजदूरी से चलती है। गांव के ही कुछ दबंग उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
UP News: डर से कई परिवारों ने छोड़ा घर
एफआईआर में धीरा ने बताया कि दबंग प्रवृत्ति के गांव के ही कुछ मुस्लिमों की नजर उनके समाज के लोगों की जमीन पर है। आरोप लगाया कि जबरन हिंदुओं का मत परिवर्तन करने की कोशिश की जा रही है। इस्लाम न कबूल करने पर परिवार को ठिकाने लगाकर जमीन पर कब्जा करवाने की धमकी दी जा रही है। भय का आलम ये है कि समाज के कई परिवार अपना घर छोड़कर गांव से जा चुके हैं। इनमें उसके भाई और चाचा भी शामिल हैं, अब गांव में केवल उनका सुनसान घर बचा है।
मामले पर पुलिस का रिएक्शन भी सामने आया है। कोतवाली प्रभारी नावेंद्र सिंह सिरोही ने कहा कि गांव के ही दो मुस्लिम पक्षों के बीच जमीन का विवाद है, जिसमें चार लोगों पर कार्रवाई की गई थी। एक पक्ष वाल्मिकी परिवार को आगे कर अपने विपक्षी को फंसाना चाहता है। बता दें कि पश्चिमी यूपी में हिंदू संगठन अक्सर ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। कैराना से हिंदुओं के पलायन को वीएचपी के अलावा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी बड़ा मुद्दा बनाया गया था।









