UP News: उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन, इस बार मामला गंभीर है।यूपी सरकार में वन व पर्यावरण राज्यमंत्री केपी मलिक ने पत्र लिखकर आरोप लगाए हैं कि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। केपी मलिक ने सीधे-सीधे UPCB के मेंबर सेक्रेटरी अजय शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
वन व पर्यावरण राज्य मंत्री केपी मलिक ने अजय शर्मा के कारनामों की फेहरिस्त जारी की। साथ ही, वन राज्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जांच की मांग की। (UP News) योगी सरकार के मंत्री UPCB के मेंबर सेक्रेटरी अजय शर्मा और उनकी कार्यशैली से खासे नाराज हैं। केपी मलिक ने अजय शर्मा को उनके पद से हटाने की मांग की है।
अधिकारियों पर पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
गौरतलब है कि, ये पहली बार नहीं है जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इससे पूर्व भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी गई थी। मगर, उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। आपको बता दें, बोर्ड के अधिकारियों पर पैसे लेकर अवैध ईंट-भट्ठे संचालित कराने तक के आरोप लगे थे। लेकिन, कागजी खानापूर्ति के बाद मामले में क्या हुआ किसी को कुछ पता नहीं चला। लेकिन इस बार आरोप गंभीर हैं। क्योंकि, आरोप लगाने वाले कोई और नहीं बल्कि खुद सरकार में मंत्री हैं।
राज्यमंत्री केपी मलिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से UPCB के मेंबर सेक्रेटरी अजय शर्मा को हटाने की मांग की है। ज्ञात हो कि, अजय शर्मा दो साल से यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में प्रभारी सदस्य सचिव हैं। केपी मलिक का आरोप है कि, वॉटर पॉल्यूशन एक्ट में प्रभारी मेंबर सेक्रेटरी की कोई व्यवस्था नहीं है। अजय शर्मा नियम-कानून को ताक पर रखकर करोड़ों का वारा-न्यारा कर रहे
हैं।
लोकायुक्त ने भी जांच के लिए सरकार को पत्र लिखा
सूत्र बताते हैं कि, अजय शर्मा के भ्रष्टाचार को पंचम तल से संरक्षण प्राप्त है। राज्य मंत्री की शिकायतों के बाद भी वन मंत्री अरुण सक्सेना ने अजय शर्मा पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। आपको बता दें, अजय शर्मा पर सीतापुर में धारा- 420 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज है। अजय शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त ने भी सरकार को जांच के लिए लिखा है।
https://youtu.be/QRnn7uk5F9k









