UP News: यह खबर बहुत दुखद है। लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर है।
माँ के सामने ही 6 साल के बच्चे पर कुत्तों का झुंड हमला कर दे, यह सोचकर ही डर लगता है। बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी जान बाल-बाल बची है।
यह घटना प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है। (UP News) आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
आवारा कुत्तों की नसबंदी: आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया जाना चाहिए।
आश्रय केंद्रों का निर्माण: आवारा कुत्तों के लिए आश्रय केंद्रों का निर्माण किया जाना चाहिए।
जागरूकता अभियान: लोगों को आवारा कुत्तों से बचाव के बारे में जागरूक करना चाहिए।
कानून का सख्ती से पालन: आवारा कुत्तों को छोड़ने वालों के खिलाफ कानून का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
यह घटना एक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

यह ज़रूरी है कि हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढें।
यह भी ज़रूरी है कि हम इस बच्चे की मदद करें। (UP News) हम सब मिलकर उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता जुटा सकते हैं।

यहाँ कुछ संस्थाएं हैं जो इस बच्चे की मदद कर सकती हैं
पशु कल्याण बोर्ड, लखनऊ
जन सेवा संस्थान, लखनऊ
रोटरी क्लब, लखनऊ
हम इन संस्थाओं से संपर्क करके इस बच्चे की मदद कर सकते हैं।
आइए हम सब मिलकर इस बच्चे की मदद करें और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान ढूंढें।

UP News: बच्चे की मां भी घायल
पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की. लेकिन कुत्तों ने उन्हें भी दौड़ा लिया. (UP News) कुत्तों द्वारा दौड़ाए जाने के बाद वह भी सड़क पर गिर गईं और घायल हो गईं. तभी वहां से एक महिला गुजर रही थीं उन्होंने ही एक डंडा उठाकर उन कुत्तों को भगाया. इसके बाद घायल बच्चें को उठाकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया. अगर महिला ने कुत्तों को भगाया नहीं होता तो वहां मौजूद कुत्ते उसकी जान भी ले सकते थे. दूसरी ओर पुलिस के पास इस मामले की शिकायत की गई है.
पुलिस से शिकायत दर्ज कर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है. पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि पूरे कॉलोनी में कुत्तों का आंतक है. पहले भी कुत्तों ने कई लोगों पर हमला करके उन्हें घायल किया है. कॉलोनी के लोगों ने बैठक कर कुत्तों के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. हालांकि इसी इलाके में एक महिला एनजीओ चलाती हैं जो कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करती हैं. इस वजह से कुत्तों के खिलाफ प्रशासन एक्शन नहीं ले पा रहा है.









