Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी ने शुरूआत में पहले जबरदस्त हंगामा किया। हालांकि कुछ देर बाद सदन दोबारा शुरू हुआ।
शीतकालीन सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभल मुद्दा पर जमकर विपक्ष पर निशाना साधा। (Uttar Pradesh) सीएम ने कहा- NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में सांप्रदायिक मामलों में 97 प्रतिशत तक कमी आई है। वहीं अखिलेश यादव के कार्यकाल में 2012 से 2017 के बीच में 815 सांप्रदायिक दंगे हुए और उसमें 192 लोगों की मौत हुई है।
Uttar Pradesh: राम के बिना कोई काम नहीं: सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा- आप पश्चिम में जाएंगे तो हो सकता है आपके पूर्वज भी… वहीं पश्चिम में सभी लोग सामान्य रूप से राम-राम कहते हैं। (Uttar Pradesh) तो यह कैसे सांप्रदायिक संबोधन हो गया? हम राम-राम का संबोधन करते हैं और अंतिम यात्रा में भी राम-राम सत्य है बोलते हैं। राम के बिना हमारा कोई तो कोई काम ही नहीं।
संभल मामले की ओर इशारा करते हुए सूबे के मुखिया ने कहा- यदि किसी ने जय श्री राम बोल ही दिया तो इसमें उत्तेजना का क्या मतलब यह चिढ़ाने वाला नहीं है।

कुंदरकी उपचुनाव के मुद्दे पर हमलावर हुए सीएम योगी
कुंदरकी में हुए उपचुनाव के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कहा कुंदरकी में हुई जीत को आपने वोट की लूट बताया। आप एक सदस्य का अपमान कर रहे हैं, आपके प्रत्याशी की तो जमानत तक वहां पर जब्त हो गई।
आज तो डिजिटल का जमाना है, वहां के पठान, वहां के शेख कह रहे हैं कि हमारे पूर्वज तो हिंदू थे। (Uttar Pradesh) सपा विधायक की ओर इशारा करते हुए सीएम ने सवाल किया। क्या आपके पूर्व हिंदू थे, क्या ये सच नहीं है? ये देशी और विदेशी मुसलमानों की आपकी भिड़ंत है, जो वर्चस्व की लड़ाई वहां चल रही है। जिसपर आप लोग पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने कहा- सूर्य, चांद और सत्य को कोई छिपा नहीं सकता है। वह जरूर सामने आएगा।
मंदिर तोड़कर बनाई गई मस्जिद: योगी
संभल मामले पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा- यह तो बाबरनामा भी कहता है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर एक ढांचा खड़ा किया गया है। भगवान विष्णु का दसवां अवतार उसी संभल में होगा। यह तो केवल सर्वे की बात थी। न्यायालय के निर्देश जिलाधिकारी ने सर्वे पूरा कराया। लेकिन जुमे की नमाज के दौरान दी गई तकरीरों के बाद माहौल खराब हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा- न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट सदन में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
संभल मामले पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा- 1947 में हिंसा में एक की मौत होती है, 1948 में छह लोग मारे जाते हैं। 1958 और 1962 में भी दंगा होता है। (Uttar Pradesh) 1976 में पांच लोगों की मौत होती है। वहीं 1978 में 184 हिंदूओं की सामूहिक रूप से हत्या कर दी गई थी और उन्हें जलाया गया था। 1980-1982 में हुए दंगे में एक-एक शख्स की मौत हुई। वहीं 1986 में चार लोग मारे गए। 1992 में पांच और 96 में दो मौते हुई हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा सदन में पेश किए गए आंकड़े के अनुसार, 1947 से अब तक संभल में 209 हिंदूओं की हत्या हुई है और एक भी बार किसी ने निर्दोष हिंदूओं के एक शब्द भी नहीं कहे।









