Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तरकाशी जिले में 12 नवंबर को चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढह जाने से 41 श्रमिक फंस गए हैं। इनमें से 22 वर्षीय मंजीत चौधरी भी शामिल हैं, जिनके पिता उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं। मंजीत के पिता ने कहा कि एक बार उनका बेटा सुरंग से बाहर आ जाए तो वे उसे फिर कभी यहां काम करने नहीं देंगे।
Uttarkashi Tunnel Accident: परिवार वालों की बढ़ रही बेचैनी
मंजीत के पिता ने बताया कि वे बहुत गरीब हैं और पत्नी के गहने गिरवी रख 9,000 रुपये का ऋण लेकर यहां आए थे। (Uttarkashi Tunnel Accident) उन्होंने कहा कि मंजीत को सुरंग में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उनके पास घर चलाने के लिए कोई और आय नहीं थी।
मंजीत के पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की चिंता है। (Uttarkashi Tunnel Accident) उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बचाव दल जल्द ही उनके बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लेगा।
उत्तरकाशी सुरंग हादसे के बाद बचाव कार्य लगातार जारी है। (Uttarkashi Tunnel Accident) अब तक 15 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बचाव दल बाकी फंसे श्रमिकों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है।
मंजीत के पिता की बातों से यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड में निर्माण कार्यों में सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में इस तरह के हादसों की आशंका हमेशा बनी रहती है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और निर्माण कार्यों में सुरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करना चाहिए ताकि श्रमिकों की जान को बचाया जा सके।










