मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले कैबिनेट विस्तार को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है. चर्चा है कि नयी कैबिनेट में परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों को हटाया और प्रमोट किया जा रहा है. इसी पर कांग्रेस सहित ममता बनर्जी ने तंज कसा है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हल्ला बोलते हुए कहा कि अगर परफॉर्मेंस पैमाना है तो पीएम मोदी को भी हट जाना चाहिए. कहा कि कैबिनेट विस्तार सिर्फ डिफेक्टर एडजस्टमेंट एक्सरसाइज है. यह कैबिनेट का नहीं बल्कि सत्ता की भूख का विस्तार होने जा रहा है.
सुरजेवाला ने कहा, अगर परफॉर्मेंस ही पैमाना है तो सबसे पहले रक्षा मंत्री को हट जाना चाहिए, क्योंकि उनके रहते चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है. साथ ही अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि गृह मंत्री को भी हट जाना चाहिए, क्योंकि उनके रहते मॉब और कस्टोडियल डेथ जैसे मामले आम हो गये हैं. आरोप लगाया कि नक्सलवाद बेकाबू हो गया है.
सुरजेवाला ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को भी हट जाना चाहिए. वे तेल की कीमत को काबू करने में असफल रहे हैं. इस क्रम में कहा कि खराब कोविड प्रबंधन के लिए डॉ हर्षवर्धन को हट जाना चाहिए. अर्थव्यवस्था के मिसमैनेजमेंट के लिए वित्त मंत्री को हट जाना चाहिए. चाहिए. सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री को भी हट जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने देश की शांति और चैन को कूड़े में डाल दिया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र पर निशाना साधा है. ममता बनर्जी ने कहा कि मैं नहीं कह सकती कि इतने सारे मंत्रियों ने इस्तीफा क्यों दिया? मोदी कैबिनेट में विस्तार से पहले हुए कई इस्तीफों पर ममता बनर्जी ने कहा, ‘मै नहीं कह सकती कि इतने सारे मंत्रियों ने इस्तीफा क्यों दिया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने कहा कि क्या आपको लगता है कि वे शासन को लेकर गंभीर हैं? उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर सारी बैठकें प्रधानमंत्री करते हैं. स्वास्थ्य मंत्री को शिकार बना रहे हैं. अगर वे गंभीर होते तो कोविड-19 की दूसरी लहर नहीं आती













