Delhi Mumbai Expressway: राजस्थान के दौसा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले हर मुसाफिर की रूह कंपा दी है। मंगलवार की अल सुबह जब चारों तरफ घना कोहरा और खामोशी थी, तब एक भीषण टक्कर ने खुशियों को मातम में बदल दिया। (Delhi Mumbai Expressway) नोएडा के रहने वाले पांच दोस्त अपनी अर्टिगा कार में सवार होकर सफर पर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक्सप्रेसवे का पिलर नंबर-193 उनके जीवन का आखिरी पड़ाव साबित होगा। हादसा इतना खौफनाक था कि टक्कर के बाद कार लोहे के मलबे में तब्दील हो गई और ट्रक उसे कई मीटर तक सड़क पर घसीटता रहा।
Delhi Mumbai Expressway: सुबह का सन्नाटा और चीख-पुकार
यह दर्दनाक हादसा दौसा के पापड़दा थाना इलाके में आलूदा के पास सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। हरियाणा नंबर की एक अर्टिगा कार तेज रफ्तार में दिल्ली से मुंबई की ओर जा रही थी। पिलर नंबर-193 के पास अचानक कार आगे चल रहे एक भारी भरकम ट्रक में पीछे से जा घुसी। (Delhi Mumbai Expressway) टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर ट्रक के नीचे फंस गया। चश्मदीदों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि दूर-दूर तक उसकी गूंज सुनाई दी। हादसे के वक्त कार में सवार पांच लोग मौत के जाल में फंस चुके थे।
ट्रक के साथ घिसटती चली गई ‘मौत की कार’
घायल युवक ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े करने वाली है। उसने बताया कि टक्कर के बाद ट्रक चालक को तुरंत अहसास नहीं हुआ कि कोई वाहन उसके नीचे फंसा है। ट्रक अपनी रफ्तार में चलता रहा और कार उसके पीछे काफी दूर तक घिसटती चली गई। (Delhi Mumbai Expressway) इस दौरान कार के भीतर सवार लोगों को संभलने या बाहर निकलने का एक पल भी मौका नहीं मिला। जब ट्रक चालक को पीछे से किसी असामान्य आवाज और झटके का आभास हुआ, तब उसने गाड़ी रोकी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कार के भीतर सिर्फ सन्नाटा और खून बिखरा था।
गैस कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे की सूचना मिलते ही पापड़दा और नांगल राजावतान थाना पुलिस समेत रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार में फंसे लोगों को बाहर निकालना था। कार ट्रक के भीतर इस कदर धंसी हुई थी कि सामान्य तरीके से शवों को निकालना नामुमकिन था। (Delhi Mumbai Expressway) काफी मशक्कत के बाद विशेष उपकरणों और गैस कटर का सहारा लिया गया। भारी मशक्कत के बाद कार के लोहे को काटकर चारों शवों को बाहर निकाला जा सका। इस हादसे में नोएडा निवासी चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांचवा युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज दौसा के जिला अस्पताल में चल रहा है।
रफ्तार का कहर या कोहरे की साजिश?
दौसा पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कार की रफ्तार कितनी थी और क्या ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाए थे। फिलहाल ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। (Delhi Mumbai Expressway) इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षित दूरी न बनाए रखने के खतरों को उजागर कर दिया है। नोएडा के उन परिवारों में अब मातम छाया है, जिनके चिराग इस सड़क हादसे में बुझ गए।














