टी20 विश्व कप में टीम इंडिया के सुपर-12 से आगे नहीं बढ़ पाने की एक वजह हार्दिक पंड्या की फॉर्म और फिटनेस भी थी। पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद कप्तान विराट कोहली ने पंड्या को उनकी बल्लेबाजी की क्षमता को देखते हुए प्लेइंग-11 में शामिल किया. हालांकि, इससे टीम का कॉम्बिनेशन गड़बड़ा गया और भारत को इसका खामियाजा उठाना पड़ा. बीसीसीआई और सेलेक्टर्स भी इस बात पर नाराजगी जाहिर की है और अब उनकी टीम में वापसी की राह आसान नहीं होगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की टीम से ड्रॉप करके बीसीसीआई ने इसका इशारा कर दिया है. अब पंड्या को टीम में दोबारा वापस आने के लिए पहले अपनी फिटनेस हासिल करनी होगी और फिर घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करना होगा।
नाम ना छापने की शर्त पर एक सेलेक्टर ने इनसाइडस्पोर्ट से कहा,”बिलकुल, हार्दिक पंड्या को टीम से बाहर किया गया है और अगर उन्हें टीम में वापसी करनी है, तो उससे पहले अपनी फॉर्म और फिटनेस को साबित करना होगा. हार्दिक पंड्या बतौर बल्लेबाज टीम में फिट नहीं बैठते. पांड्या से डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने को कहा जाएगा, और अगर टीम में उन्हें शामिल होना है, तो उससे पहले उस स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
हार्दिक के विकल्प के तौर पर वेंकटेश को चुना गया
अगले साल ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप होना है. ऐसे में बीसीसीआई और सेलेक्टर्स अभी से ही 4 से 5 तेज खिलाड़ियों और बॉलिंग ऑलराउंडर की तलाश में जुट गई है. इसी वजह से 17 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने हार्दिक पंड्या की जगह वेंकटेश अय्यर को चुना है।
पंड्या को लेकर BCCI ने रिपोर्ट तलब की
टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए हार्दिक पंड्या के फॉर्म और फिटनेस ने परेशानी बढ़ाई हुई थी.पंड्या ना ही गेंद और ना ही बल्ले से टीम के काम आ सके. उन्होंने टूर्नामेंट में केवल 4 ओवर फेंके और 5 मैच में सिर्फ 69 रन बनाए. अपनी फॉर्म और फिटनेस जूझ रहे इस ऑलराउंडर की मुश्किलें कम नहीं होने वाली, क्योंकि बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट और सेलेक्शन कमेटी से इस मामले में रिपोर्ट भी तलब की है।
बीसीसीआई की नजर बॉलिंग ऑलराउंडर तैयार करने पर
बीसीसीआई (BCCI) और सेलेक्टर्स ने विश्व कप के दौरान हार्दिक पर काफी विश्वास जताया था और इसका खामियाजा टीम को उठाना पड़ा. कई दिग्गजों ने अनफिट पंड्या को टीम में रखने पर सवाल खड़े किए थे. अब सेलेक्टर्स मानते हैं कि हार्दिक सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर टीम में फिट नहीं बैठते. अब फोकस उन बल्लेबाजों को तैयार करने पर है, जो अच्छी गेंदबाजी भी कर सकें. इसके लिए 4-5 खिलाड़ियों को तराशा जाएगा।
सेलेक्टर ने आगे बताया कि हमारे पास हार्दिक का बैकअप प्लेयर नहीं था, और यही चिंता का विषय था. हमने जिस एक खिलाड़ी को हार्दिक की गैरमौजूदगी में परखना चाहा, वह भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे थे. हम किसी एक खिलाड़ी के रिकवर होने का इंतजार नहीं कर सकते. हमें एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की जरूरत है, जो टीम के निचले क्रम को बेहतर कर सके और सेलेक्टर्स मुश्ताक अली टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज ऑलराउंडर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे।













