Women Reservation Bill: उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक विशेष सत्र गुरुवार को बुलाया गया है, जिसमें महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की जाएगी। यह विशेष सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। इससे पहले अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी थी कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार सुबह 11 बजे विधानसभा का वर्ष 2026 का दूसरा सत्र आहूत किया है। सत्र से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों—समाजवादी पार्टी और कांग्रेस—ने अपने राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं।
माना जा रहा है कि इस विशेष सत्र का उद्देश्य विधायकों को महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने के परिणामों पर चर्चा करने का अवसर देना है, साथ ही महिला सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार के रुख को दोहराना भी है। (Women Reservation Bill) जहां भाजपा ने विपक्षी दलों को ‘महिला-विरोधी’ करार दिया है, वहीं विपक्ष ने पलटवार करते हुए सरकार पर चुनावी लाभ के लिए महिला आरक्षण के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
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महिला आरक्षण विधेयक, जिसका उद्देश्य विधायिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है, हाल ही में लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जिससे राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना तेज कर दी है। (Women Reservation Bill) पार्टी का आरोप है कि उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न की। (Women Reservation Bill) इस विधेयक का उद्देश्य संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना था। इसमें सदन की सदस्य संख्या बढ़ाने के प्रावधान भी शामिल थे। हालांकि, लंबी बहस के बावजूद यह संवैधानिक रूप से आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। अंतिम मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट















