नई दिल्ली: दिवाली, धनतेरस जैसे त्योहारों की तैयारी में लगे ग्राहकों को जल्द महंगाई का एक और झटका लग सकता है. घरेलू किसानों की भलाई के लिए सरकार पाम तेल पर आयात शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है. इसके बाद खाने के तेल के दाम बढ़ सकते हैं. सरकार ने हाल में ही आयात शुल्क में कटौती कर खाद्य तेल की कीमतों को नीचे लाने की कोशिश की थी, लेकिन घरेलू बाजार के बदले समीकरणों को देखते हुए एक बार फिर आयात शुल्क में बढ़ोतरी की जा सकती है।
सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि घरेलू बाजार में तिलहन की कीमतों पर दबाव है और देश के लाखों किसानों को इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है. व्यापारी सीमा पार से सस्ती कीमत पर तेल आयात कर रहे हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार सीमा पार से आयात किए जाने वाले पाम तेल पर टैक्स बढ़ाने का कदम उठा सकती है, ताकि व्यापारी आयात करने के बजाए घरेलू किसानों से तिलहन की खरीद बढ़ाएं और किसानों को उचित कीमत मिल सके।
गौरतलब है कि साल की शुरुआत में सरकार ने कच्चे पाम तेल की कीमतों पर लगाम कसने के लिए बेसिक इम्पोर्ट टैक्स में कटौती की थी. हालांकि, इस पर एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस के रूप में 5 फीसदी टैक्स वसूला जा रहा था।













