Pawan Kheda: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब मुश्किलों में फंसे हुए नजर आ रहे हैं. गुरुवार को रायपुर से जाने वाली फ्लाइट से पवन खेड़ा को नीचे उतार दिया गया और उसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें रनवे से हिरासत में ले गई. वहीं बाद में असम पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. अब असम पुलिस पवन खेड़ा को कोर्ट में पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड लेगी. दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि असम पुलिस के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने पवन खेड़ा को हिरासत में लिया है.
वहीं कांग्रेस ने खेड़ा की गिरफ्तारी के खिलाफ तुरंत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है. सुप्रीम कोर्ट आज ही इस मामले की सुनवाई 3 बजे करेगा. बता दें कि कांग्रेस ने पहले दावा किया था कि असम पुलिस ने पवन खेड़ा को हिरासत में लिया है. कांग्रेस ने पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने को तानाशाही करार दिया है. वहीं कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, मोदी सरकार हमारे राष्ट्रीय अधिवेशन को बाधित करना चाहती है. हम डरने वाले नहीं हैं. देशवासियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे.
पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल किया कि किस आधार पर खेड़ा को नीचे उतारा गया है और देश में कानून का कोई राज है या नहीं. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उसके मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा को रायपुर जाने वाली उड़ान से नीचे उतार दिया गया.
कांग्रेस ने ट्वीट कर बताया कि आज इंडिगो की फ्लाइट 6E-204 से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली से रायपुर जा रहे थे. सभी फ्लाइट में बैठ चुके थे. उसी वक्त हमारे नेता पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतरने को कहा गया. ये तानाशाही रवैया है. तानाशाह ने अधिवेशन से पहले ईडी के छापे मरवाए और अब इस तरह की हरकत पर उतर आया.
वहीं एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि एक यात्री को दिल्ली एयरपोर्ट पर दिल्ली-रायपुर फ्लाइट से नीचे उतारा गया गया है. इसके बाद कुछ और यात्रियों ने नीचे उतरने का फैसला किया. हम अथॉरिटी के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. फ्लाइट में देरी हुई है. इसके लिए हम यात्रियों से माफी मांगते हैं. इंडिगो ने फ्लाइट को रद्द कर दिया है. यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से रायपुर भेजा जाएगा.
वहीं रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज हम सभी इंडिगो की फ्लाइट से रायपुर जा रहे थे, तभी हमारे साथ पवन खेड़ा को झूठ बोलकर फ्लाइट से उतार दिया गया. पुलिस ने हमें बताया कि असम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. लेकिन पुलिस के पास किसी भी प्रकार का कोई लिखित गिरफ्तारी ऑर्डर नहीं है.
दरअसल, पवन खेड़ा हाल ही में अडानी के मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा था, अगर अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी बना सकते हैं तो नरेंद्र गौतम दास मोदी को क्या दिक्कत है?
हालांकि बयान देने के बाद खेड़ा ने आसपास मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री का मिडिल नेम सही पुकारा है? इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, ‘नरेंद्र गौतम दास मोदी को क्या समस्या है?’
कांग्रेस नेता ने बाद में पूछा, ‘क्या यह गौतम दास या दामोदर दास है? इस दौरान पवन खेड़ा हंसते हैं और यह कहते हुए तंज करते हैं कि भले ही नाम दामोदर दास है, लेकिन उनके काम गौतम दास के समान हैं.
पवन खेड़ा की इस टिप्पणी को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर आमने-सामने हैं. पवन खेड़ा के खिलाफ भाजपा जमकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं.
पत्रकारिता करते हुए पवन खेड़ा कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित के संपर्क में आए. शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं तो पवन खेड़ा उनके निजी सचिव रहे. 2013 से 2019 तक शीला दीक्षित के साथ पवन खेड़ा ने काम किया. दिल्ली की सत्ता से कांग्रेस और शीला दीक्षित के हटते ही साल 2013 में पवन खेड़ा कांग्रेस के साथ सीधे तौर पर जुड़ गए. कांग्रेस के साथ जुड़ने के बाद उन्हें राजनीतिक रूप से पहचान मीडिया पैनालिस्ट के तौर पर न्यूज चैनल की बहस में हिस्सा लेने से मिली.
कांग्रेस ने पवन खेड़ा को पहले राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया और बाद में उन्हें पार्टी कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में मीडिया और पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त किया.













