Poonch Attack: आखिरी बार बिटिया से वीडियो कॉल पर खूब की बातें, शहीद हरकिशन की कुछ ऐसी है कहानी

Facebook
X
WhatsApp

Poonch Attack: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकिवादियों ने सेना के ट्रक पर हमला किया, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए. इन शहीद जवानों में एक नाम सिपाही हरकिशन सिंह का भी है, जिनकी उम्र मात्र 27 साल की थी. जिस समय वह सेना के ट्रक पर बैठे होंगे उस समय उन्होंने ये भी नहीं सोचा होगा कि आज उनका आखिरी दिन है. जांबाज सैनिक देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देते हैं. आज उनकी शहादत पर पिता को गर्व है क्योंकि हरकिशन ने देश के लिए बलिदान दिया है.

शहीद हरकिशन पंजाब के बटाला के पास के एक गांव के रहने वाले थे. (Poonch Attack) उनकी तैनाती 49 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन में थी और सेना को साल 2017 में ज्वॉइन किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो अपने पीछे पत्नी, 3 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं. इस समय उनकी पत्नी गर्भवती है. उनकी पत्नी का नाम दलजीत कौर है और उनका कहना है कि बीते दिन ही यानि गुरुवार को परिवार ने उनके साथ वीडियो कॉल पर बातचीत की थी. वह अपनी बेटी से ही बातचीत करने के लिए ज्यादा इच्छुक दिखाई दे रहे थे.

शहीद हरकिशन आखिरी बार फरवरी में गए थे अपने गांव

पत्नी दलजीत कौर ने कहा कि उन्होंने कल ही बातचीत की. उन्होंने बेटी के साथ लंबी बात की. इसके बाद उन्होंने अचानक कॉल का जवाब देना बंद कर दिया. उन्हें कई फोन किए गए, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला. शाम में खबर आती है तो सबकुछ पता चल जाता है. शहीद हरकिशन के पिता मंगल सिंह भी सेना में रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत गर्व हो रहा है. उसने देश के लिए अपना बलिदान दिया है. आज के बच्चों को उसके जैसा होना चाहिए. हरकिशन आखिरी बार फरवरी में अपने गांव आए थे.

बीते दिन हुए हमले के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. आतंकियों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हालांकि अभी तक दहशतगर्द जवानों के हत्थे नहीं चढ़े हैं. बताया जा रहा है कि इस साजिश के पीछे पाकिस्तान का हाथ है. उसने सीमा पर पूरे हमले का खाका खींचा था, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया. फिलहाल सेना और खुफिया एजेंसियां इसके तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं.

https://youtu.be/mjBGFwfGV2o

ये भी पढ़े…https://crimecomplaint.com/ballia-news-50-boxes-of-illegal-liquor-being-distributed-in-the-election-recovered-from-a-government-vehicle/

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें