Etah News: जिले (Etah News) में दो दिन पूर्व खुद की तेरहवीं भोज आयोजित करने वाले शख्स का देहांत (Etah News) हो गया। 55 वर्षीय शख्स के देहांत की खबर सुन क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। अपनों की बेरूखी के चलते शख्स ने जीवित रहते अपना पिंडदान और तेरहवी भोज का आयोजन किया था। शख्स का मानना था कि उसे परिवार के लोगों पर भरोसा नहीं है।
वह मानते थे कि परिवार के सदस्य उनके मरने के बाद तेरहवी भोज करेंगे भी या नहीं। इसलिए शंका के चलते उन्होंने स्वयं ही जीवित रहते पिंडदान और तेरहवीं कर डाली। भव्य तरीके से आयोजित तेरहवी भोज में लगभग 700 लोगों ने भोजन किया था। भोज के दो दिन बाद ही 55 वर्षीय हाकिम सिंह की मौत से लोग स्तब्ध हैं।
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) January 17, 2024
बताया जा रहा है कि बीती रात वह बिल्कुल ठीक सोए थे लेकिन बुधवार सुबह देर तक जब वह नहीं उठे। तो लोगों को शक हुआ तो वह हाकिम सिंह की चारपाई की पास गये। तो देखा कि वह मृत पड़े हैं। हाकिम सिंह के मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली। सभी उनके घर पहुंचे। वह ब्लॉम में बनी दुकानों में ही रहते थे। हाकिम सिंह के निधन की खबर मिलते ही उनके परिवार के सदस्य भी वहां पहुंचे और शव को अपने घर ले गए।
उनका कहना था कि वे हाकिम सिंह को अंतिम संस्कार रीति-रिवाज के साथ करेंगे। हालांकि हाकिम सिंह के अपने भाई-भतीजों पर विश्वास नहीं था। उनकी खुद की भी संतान नहीं थी। इसलिए जीवित रहते अपने क्रिया कर्म को विधिवत कराने के लिए उन्होंने करीब आधा बीघा जमीन बेच दी थी। इसके बाद परिजनों, रिश्तेदारों समेत गांव के सैकड़ों लोगों को तेरहवीं भोज में आमंत्रित किया था। ब्राह्मणों को बुलाकर विधिवत हवन-यज्ञ कर रस्में अदा की थी। लेकिन यह किसी ने भी नहीं सोचा था कि क्रिया कर्म की विधि संपन्न कराने के दो दिन बाद ही हाकिम सिंह इस दुनिया को छोड़ जायेंगे। उनकी मौत गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।









