Abhijeet Dipke: केंद्र सरकार पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर दबाव बढ़ाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। अभिजीत दिपके जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने और आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए भारत लौटे हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाना है।
Abhijeet Dipke: दिल्ली पहुंचते ही आंदोलन का दिया संदेश
अभिजीत दिपके शनिवार सुबह करीब 7:35 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए समर्थकों को जंतर-मंतर पर आने का आह्वान किया। (Abhijeet Dipke) उन्होंने अपने संदेश में लोगों से किताब और तिरंगा साथ लाने की अपील की। साथ ही प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे पुलिसकर्मियों को सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करें। दिपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य प्रेम, शांति और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी लंबे समय से नीट पेपर लीक मामले को लेकर सवाल उठा रही है। (Abhijeet Dipke) पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर अभिजीत दिपके ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि वह अमेरिका के बोस्टन से भारत लौटेंगे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण जन आंदोलन शुरू करेंगे।
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सोनम वांगचुक ने भी जताया समर्थन
इस आंदोलन को शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। वांगचुक ने कहा था कि यदि 5 जून तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके समर्थन से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ध्यान मिलने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। (Abhijeet Dipke) नई दिल्ली क्षेत्र में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने और संवाद के जरिए स्थिति को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
12 जोन में बांटा गया सेंट्रल दिल्ली
सुरक्षा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सेंट्रल दिल्ली को 12 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के आवासों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। (Abhijeet Dipke) पुलिस ने सभी जिला और यूनिट डीसीपी को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को आशंका है कि बड़े स्तर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हो सकता है और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हो रहा यह आंदोलन आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विमर्श को नई दिशा दे सकता है।















