Cockroach Janta Party Protest: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले देश के जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक खुलकर पार्टी के समर्थन में सामने आए हैं। प्रदर्शन से कुछ घंटे पहले जारी किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने न केवल जंतर-मंतर पहुंचने की बात कही, बल्कि अभिजीत दीपके की संभावित गिरफ्तारी को लेकर भी चिंता जताई है। इ दौरान उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है तो वह 42 दिनों तक अनशन पर बैठेंगे।
Cockroach Janta Party Protest: जंतर-मंतर पहुंचने का किया ऐलान
आपको बताते चलें कि, अभिजीत दीपके के भारत पहुंचने से कुछ घंटे पहले सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि वह 6 जून को लद्दाख से दिल्ली आ रहे हैं और जंतर-मंतर पर लोगों से मुलाकात करेंगे।
Also Read –Abhijeet Dipke: दिल्ली पहुंचते ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर का बड़ा एलान, दो चीजें लाने की अपील
सोनम वांगचुक ने कहा कि वह खुद भी इस बात से हैरान हैं कि बहुत कम समय में उनका कॉकरोच जनता पार्टी से इतना गहरा जुड़ाव बन गया। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उन्हें नहीं बल्कि लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को जाता है।
कैसे बना कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ाव?
वीडियो में सोनम वांगचुक ने बताया कि दिल्ली में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी युवा पीढ़ी की रचनात्मक अभिव्यक्ति है और सरकार को उनके संदेश को समझना चाहिए, न कि संदेश देने वालों को निशाना बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके कुछ दिनों बाद वीके सक्सेना ने उन्हें चाय पर बुलाया। इसके बाद उनके समर्थन को लेकर कई तरह की खबरें प्रकाशित हुईं और फिर उन्हें सार्वजनिक रूप से जवाब देना पड़ा। इसी पूरी प्रक्रिया के दौरान उनका संपर्क कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके से हुआ।
Also Read –Kanpur News: बुर्का पहनकर पहुंचा कातिल, CCTV से खुला राज,यूट्यूब और क्राइम शो देखकर रची साजिश
सीजेपी नेताओं को बताया ईमानदार और देशभक्त
सोनम वांगचुक ने वीडियो में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि इन लोगों से मिलने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वे बेहद सीधे-सादे, साफ दिल वाले, ईमानदार और देशप्रेमी लोग हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसकी राजधानी में हर नागरिक को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की पूरी आजादी मिलेगी।
“गिरफ्तारी हुई तो करूंगा 42 दिन का अनशन”
सोनम वांगचुक ने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी वजह से अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है तो वह मजबूरन अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार उनका अनशन छह सप्ताह तक चलेगा, यानी पूरे 42 दिनों का होगा। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि वह तो इसके लिए तैयार हैं, लेकिन आंदोलन से जुड़े लोग क्या करेंगे, यह भी उन्हें तय करना होगा।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले वह लद्दाख की कई मांगों को लेकर लंबे समय तक अनशन कर चुके हैं। हालांकि बाद में उनका आंदोलन हिंसक हो जाने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से कहा कि प्रदर्शन में केवल पानी की बोतल, मोबाइल फोन और कुछ फूल लेकर आएं। इसके अलावा किसी भी तरह की दूसरी वस्तु अपने साथ न लाएं।
लाठी और पत्थर लाने वालों पर नजर रखने को कहा
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल लोगों से कहा कि कोई भी व्यक्ति यदि लाठी, पत्थर या ऐसी कोई वस्तु लेकर आता दिखाई दे तो उसकी तुरंत फोटो खींची जाए और निकटतम पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे शरारती तत्व ही युवा पीढ़ी के आंदोलन और उनकी ऐतिहासिक जद्दोजहद को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए सभी लोगों को सतर्क रहना होगा और किसी भी तरह की हिंसा या उकसावे से बचना होगा।
लोकतंत्र की मिसाल बनाने की अपील
अपने संदेश के अंत में सोनम वांगचुक ने कहा कि सभी लोग मिलकर इस आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहता है तो भारत लोकतंत्र की जननी होने की अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते हुए जंतर-मंतर पर मिलने का संदेश दिया।















