Air Pollution : पराली जलाने और निर्माण कार्यों में लापरवाही से घुट रहा दम, राहत के लिए बारिश का इंतजार..

Air Pollution : पराली जलाने और निर्माण कार्यों में लापरवाही से घुट रहा दम, राहत के लिए बारिश का इंतजार
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Air Pollution : यूपी के गोरखपुर में गेंहू के फसल की डंठल जलाने से लेकर निर्माण कार्यों में मानक को ताक रखने के चलते गोरखपुर शहर के नागरिकों का दम घुट रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। रविवार से लेकर सोमवार की सुबह तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 249 माइक्रोन प्रति घन मीटर रहना खतरनाक स्थिति को बता रहा है। पर्यावरणविद कह रहे हैं कि कूड़ा, डंठल व पौधे जलाने बायोमास कार्बन उत्पन्न हो रहा है। बारिश के बाद ही इससे राहत मिलेगी।

Air Pollution : पराली का जलाने से बढ़ा प्रदूषण

हवा में 41 गुना बढ़ गई कार्बन मोनोऑक्साइड प्रदूषण के कारण हवा जहरीली हो गई है। हवा में धूल के कणों के साथ ही जानलेवा गैसों का स्तर भी बढ़ गया है। इसमें सबसे खतरनाक है कार्बन मोनोऑक्साइड। रविवार को इस जानलेवा गैस का स्तर 82 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। जबकि आदर्श स्थिति में इसे दो माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए। रविवार को यह स्तर मानक से 41 गुना अधिक हो गया। इसकी मुख्य वजह पराली का जलाया जाना है। एमएमएमयूटी के सत्येंद्र यादव ने बताया कि खेत में गेहूं की जलती डंठल से मिट्टी की ऊपरी परत झुलस जाती है। इससे मिट्टी में नमी व बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

Air Pollution

तेज हवा चलने पर खेत में मौजूद राख हवा में घुल जाती है। इससे हवा में बायोमास कार्बन की मात्रा अचानक बढ़ जाती है। इससे सांस की नली में संक्रमण के साथ फेफड़ों की समस्या हो सकती है। आंखों में जलन, दम फूलने लगता है, अस्थमा उभर जाता है। इसके साथ ही यह कैंसर का कारक भी है। डीडीयू के भौतिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि विवि में लेडार मशीन के जरिए हवा में कार्बन उत्सर्जन की निगरानी की जा रही है। शनिवार से हवा में मौजूद कार्बन में बायोमास कार्बन की मौजूदगी का लेवल बढ़ा है। शनिवार और रविवार को बायोमास कार्बन का स्तर 44 था। जबकि इसे 2 से 5 होना चाहिए।

Air Pollution: पराली जलाने से होने वाले ...

Air Pollution : धूल मैनेजमेंट के लिए कोई इंतजाम नहीं

शहर में करोड़ों रुपये लागत के कार्य हो रहे हैं। पादरी बाजार और खजांची पर फ्लाईओवर का काम हो रहा है। आधे शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम हो रहा है। पैड़लेगंज से लेकर नौसढ़ तक सिक्सलेन के साथ फ्लाईओवर का काम हो रहा है। लेकिन कहीं भी एजेंसियां धूल मैनेजमेंट को लेकर कोई काम नहीं कर रही है। तीन दिनों से शहर के लोगों का दम घुट रहा है तो नगर निगम रस्मी कार्रवाई कर रहा है।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का दावा है कि कि महानगर में वायु प्रदूषण पर नियन्त्रण के लिए स्प्रे मशीनों एवं वाहनों से डिवाइडरों एवं सड़कों के किनारे लगे पेड़ और पौधों पर छिड़काव किया जा रहा। सड़कों पर मैकेनाइज्ड स्वीपिंग का छिड़काव कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से तीन स्प्रिंकल वाहनों से डिवाइडरों एवं सड़कों एंव पेड़ और पौधों पर छिड़काव किया जा रहा है। सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से सफाई हो रही है।

https://youtu.be/JDEMd69h8sM?si=KqrbGnuVRVMY0o3r

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