Bareilly News : बरेली के मीरगंज तहसील के शाही थाना क्षेत्र में 8 फरवरी को एक बुजुर्ग की सांड के हमले में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद एफआर लगा दी थी, लेकिन सीओ मीरगंज डॉ. दीपशिखा अहिबरन सिंह ने एफआर को रोक दिया है और नए सिरे से विवेचना के निर्देश दिए हैं।
Bareilly News : जानिए पूरा मामला

बता दें कि थाना शाही पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) शेरगढ़ राजीव शर्मा की लिखित सूचना पर गैर इरादतन हत्या अभियोग ग्राम प्रधान मीना देवी,पंचायत सचिव श्रीपाल के विरुद्ध पंजीकृत किया गया। मृतक जागन लाल के पुत्रों रामआसरे व प्रदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके पिता लकवा से पीड़ित थे। सांड से डर कर भागते समय गिरकर घायल हो गए थे जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। घटना में ग्राम प्रधान अथवा पंचायत सचिव दोनों का कहीं कोई दोष नहीं है।

पुलिस के मांगे जाने पर घटना वादी एडीओ (पंचायत) भी अपने लिखित कथन की पुष्टि में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। ऐसी स्थिति में विवेचक ने साक्ष्य के अभाव का हवाला देते हुए मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर विवेचना समाप्त कर दी। प्रभारी निरीक्षक शाही सतीश कुमार सिंह नैन ने विवेचक से प्राप्त एफआर को अनुमोदन के लिए सीओ मीरगंज के समक्ष प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान सीओ मीरगंज को लगा कि जल्दवाजी में विवेचना को समाप्त किया गया है। सीओ ने एफआर के प्रभाव को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर पुनः विवेचना को उचित समझा।

Bareilly News : नए सिरे से होगी विवेचना

सीओ मीरगंज डॉक्टर दीपशिखा अहिबरन सिंह ने बताया कि थाना शाही पर पंजीकृत गैर इरादतन हत्या मामले में विवेचक स्तर से लगाई गई। अंतिम विवेचना रिपोर्ट (एफआर) के प्रभाव को अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया गया है। पुनः विवेचना के निर्देश थाना पुलिस को दिए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार सिंह नैन ने बताया कि मामले की पुनः विवेचना नए सिरे से कराई जाएगी।















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