रिपोर्ट – मिथिलेश गुप्ता
UP News: चंदौली। जनपद के शहाबगंज क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार इन दिनों खुलेआम फल-फूल रहा है। बड़गांवा गांव इस अवैध गतिविधि का केंद्र बनता जा रहा है, जहां जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है। स्थिति यह है कि खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खनन कार्य में लगे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
UP News: धड़ल्ले से चल रही जेसीबी, नियमों को खुली चुनौती
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बड़गांवा में लगातार जेसीबी मशीनों के जरिए अवैध खनन किया जा रहा है। (UP News) न तो खनन के लिए कोई वैध अनुमति दिखाई देती है और न ही पर्यावरणीय नियमों का पालन किया जा रहा है। खेतों और सार्वजनिक भूमि तक को नहीं छोड़ा जा रहा, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंच रहा है।
ओवरलोड ट्रैक्टर बने मौत का कारण
खनन के बाद मिट्टी को ओवरलोड ट्रैक्टरों में भरकर तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। (UP News) ये ट्रैक्टर बिना फिटनेस, बिना परमिट और कई बार बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इन वाहनों की वजह से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे आमजन की जान जोखिम में पड़ गई है।

थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल
क्षेत्र में हो रहे इस बड़े पैमाने के अवैध खनन को लेकर थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। (UP News) लोगों का आरोप है कि पुलिस की “मेहरबानी” के बिना इस तरह का खुला खेल संभव नहीं है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
खनन अधिकारी का फोन न उठाना बना चर्चा का विषय
जब इस पूरे मामले को लेकर चंदौली के खनन अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा। इससे लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं न कहीं अधिकारियों की भी इस अवैध खनन में मिलीभगत हो सकती है।
पुलिस ने एक्स (Twitter) पर दिया कार्रवाई का आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद चंदौली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से शहाबगंज थाना प्रभारी को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। (UP News) लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पर्यावरण और जनजीवन पर खतरा
अवैध खनन के चलते जहां एक ओर पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। (UP News) खेतों की उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो रही है और गांवों की शांति भंग हो रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
शहाबगंज के बड़गांवा में चल रहा अवैध खनन प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और क्या वाकई खनन माफियाओं पर लगाम लग पाती है या














