Harda Factory Blast: मध्य प्रदेश के हरदा में मंगलवार सुबह हुए ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल और सोमेश अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
Harda Factory Blast: पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे आरोपी
बताया जा रहा है कि दोनों फैक्ट्री मालिक पुलिस से बचने के लिए हरदा छोड़कर नेशनल हाईवे के जरिये भाग रहे थे। (Harda Factory Blast) इसी बीच पुलिस ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर के समीप हाईवे पर इन्हें पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, तीसरे आरोपी का नाम रफीक खान है।

मामले में दर्ज हुआ अपराध
इस मामले में हरदा के सिविल लाइन थाना में एक अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कस्टडी में हैं, जिनसे मामले में पूछताछ की जा रही है।
धमाके में 11 लोगों की मौत, 175 घायल
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह हरदा के ग्राम खिरकिया में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ था। (Harda Factory Blast) इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 175 लोग घायल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने जताई थी संवेदना
इस हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरी संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।

पुलिस की जांच जारी
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
तीन साल पहले किया था सील
हरदा के मगरधा रोड पर स्थित जिस पटाखा फैक्टरी में मंगलवार को ब्लास्ट हुआ, वहां की कई बार शिकायतें भी हुई थीं तो वहीं तीन साल पहले भी यहां एक हादसा हुआ था। तब हादसे में एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हुई थी, जिस पर इस फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल को जेल भी जाना पड़ा था। (Harda Factory Blast) उसके बाद ही तत्कालीन एसपी ने फैक्ट्री के लाइसेंस को अवैध घोषित कर निरस्त करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था। उस समय जिला कलेक्टर ने इसे अनफिट भी घोषित करते हुए सील किया था। लेकिन बाद में नर्मदापुरम के संभागायुक्त ने इसे वापस बहाल कर दिया।
एसडीएम को बनाया गया था प्रस्तुतकर्ता अधिकारी
इधर, हरदा एसडीएम केसी परते ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री फिट नहीं थी, तभी तो यह हादसा हुआ है। कुछ समय पहले हरदा प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्री काे अनफिट घोषित कर दिया था। बाद में संभागायुक्त नर्मदापुरम ने इसे बहाल कर दिया था। फैक्ट्री करीब डेढ़ एकड़ में फैली है। यहां 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले करीब 40 परिवार अस्थाई निर्माण कर यहीं पर रह रहे थे। वहीं, तहसीलदार हरदा लवीना घागरे का कहना है कि उनके पहले पदस्थ रहे अफसरों द्वारा फैक्ट्री सील किए जाने के बाद राजेश, सोमेश और प्रदीप हाईकोर्ट गए थे। इसके बाद एसडीएम को इस मामले में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया था।














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